पाकुड़ में विकास की नई इबारत, डीसी मनीष कुमार के नेतृत्व में बदलती तस्वीर
A new chapter of development in Pakur, changing picture under the leadership of DC Manish Kumar

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़/झारखंड। झारखंड के उत्तर-पूर्वी छोर पर स्थित पाकुड़ जिला लंबे समय से पिछड़ेपन, प्रशासनिक सुस्ती, कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था और शिक्षा संकट से जूझता रहा है। लेकिन पिछले कुछ महीनों में यह जिला तेज़ी से बदलाव की ओर बढ़ रहा है और इस परिवर्तन की धुरी बने हैं जिला उपायुक्त मनीष कुमार।
कम बोलने वाले, शांत स्वभाव और ज़मीन से जुड़े इस युवा आईएएस अधिकारी ने पदभार संभालने के साथ ही प्रशासनिक ढांचे में ऐसी ऊर्जा भरी कि आज लोग इसे “बदलाव का दौर” कहने लगे हैं।
टीबी मरीजों की जिम्मेदारी खुद उठाई—200 मरीज गोद लिए
डीसी के आह्वान पर जिले में पहली बार समन्वित जनसहयोग देखने को मिला। विभिन्न पदाधिकारियों ने 200 टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके इलाज और पोषण की जिम्मेदारी उठाई। यह पहल स्वास्थ्य विभाग की कमजोर कड़ियों में मजबूती भरने वाली साबित हुई।
शिक्षा में नई रोशनी—‘पढ़ेगा पाकुड़, बढ़ेगा पाकुड़’ बना अभियान
जहाँ पहले स्कूल उपस्थिति, मिड-डे मील और शिक्षक-घाटा बड़ी समस्या थे, वहीं अब स्थिति बदलती दिख रही है।
डीसी के निर्देश पर:
हर महीने जन्मोत्सव और तिथि भोज
बच्चों के साथ स्वयं जमीन पर बैठकर भोजन
शिक्षकों की कड़ी जवाबदेही
नामांकन वृद्धि और उपस्थिति की नियमित समीक्षा
अभिभावकों से दैनिक संवाद
इन उपायों ने सिर्फ कागजों में नहीं बल्कि स्कूलों के माहौल में वास्तविक परिवर्तन किया। कई विद्यालयों में उपस्थिति में दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई।
सदर अस्पताल में बड़ा बदलाव- जाओगे तो खाली वापस नहीं आओगे”
सदर अस्पताल, जिसे कभी अव्यवस्था का प्रतीक माना जाता था, आज नई ऊर्जा के साथ कार्य कर रहा है।
डीसी के निरंतर औचक निरीक्षण, दृढ़ निर्देशों और लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई ने अस्पताल को बदल दिया। अब:
परिसर साफ-सुथरा, दवाइयों का नियमित स्टॉक, आपातकालीन सेवाएँ सक्रिय, मातृ-शिशु इकाई मजबूत, डॉक्टरों की उपस्थिति पहले से कई गुना अधिक
स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार—“पहली बार हमें लगा कि कोई डीसी सिर्फ आदेश नहीं, बल्कि साथ खड़ा है।”
रोज़गार, सड़कें और योजनाओं में तेजी
बरसों से रुकी फाइलें अब गति पकड़ चुकी हैं।
रोजगार मेलों में सैकड़ों युवाओं को नौकरी
ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता पर सख्त निगरानी
ब्लॉक स्तर पर योजनाओं की मासिक समीक्षा
ठेकेदारों और अधिकारियों की जवाबदेही तय
इन प्रयासों ने जिला प्रशासन पर जनता का भरोसा बढ़ाया है।
राष्ट्रपति के हाथों सम्मान- जिले का गौरव
डीसी डॉ. मनीष कुमार के कार्यों ने सिर्फ जिले का नहीं, बल्कि राज्य का भी गौरव बढ़ाया। उत्कृष्ट प्रशासनिक योगदान के लिए उन्हें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया गया—जो पाकुड़ जिले के लिए ऐतिहासिक क्षण है।
निष्कर्ष
बीते वर्षों में उपेक्षित रहे पाकुड़ में अब विकास की चमक दिखाई देने लगी है। यह बदलाव सिर्फ योजनाओं का नहीं, बल्कि एक ऐसे अफसर की दृष्टि का परिणाम है, जिसने कहा नहीं—करके दिखाया।



