बालाघाट

कक्षाओं में उपेक्षा और दुव्र्यवहार से नाराज छात्र की चेतावनी- स्थानांतरण नहीं तो आमरण अनशन

प्राध्यापिका पर अभद्र व्यवहार, अध्ययन से वंचित करने और मनमानी उपस्थिति दर्ज कराने के गंभीर आरोप

छात्र ने उच्च शिक्षा विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक भेजी शिकायत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

बालाघाट(म0प्र0) : शासकीय महाविद्यालय लांजी में प्राध्यापिका श्रीमती कांता वर्मा को लेकर उठे विवाद ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। बी.ए. प्रथम वर्ष के छात्र पवन कश्यप ने आरोप लगाया है कि संबंधित प्राध्यापिका उन्हें कक्षा में प्रवेश नहीं देतीं, शिक्षण सामग्री नहीं प्रदान करतीं और अपमानजनक व्यवहार कर शैक्षणिक अधिकार से वंचित कर रही हैं। छात्र ने इस पूरे प्रकरण को लेकर उच्च शिक्षा विभाग और जिले के प्रशासनिक अधिकारियों तक शिकायत भेजी है। छात्र द्वारा शिकायत पत्र अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर, आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग भोपाल, प्राचार्य शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी महाविद्यालय बालाघाट, एसडीएम लांजी, एसडीओपी लांजी सहित अन्य विभागों को भेजा गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि महाविद्यालय प्राचार्य आर.आर. सोनवाने ने मामले को दबाने के लिए जल्दबाजी में महाविद्यालय के ही प्राफेसरो की तीन सदस्यीय जांच समिति बनाकर मामले को एकतरफा बंद कर दिया, जबकि शिकायत में उच्च स्तरीय जांच दल गठित करने की मांग की गई थी।

*बीमारी में भी संघर्षरत छात्र को मिल रही उपेक्षा, बढ़ रही नाराजगी*

छात्र के अनुसार, प्राध्यापिका नियमित रूप से महाविद्यालय उपस्थित नहीं रहतीं, लेकिन उनके दस्तावेजों में पूर्ण उपस्थिति दर्ज होती रही है। इससे छात्रों को कक्षाएँ न मिलने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। राजनीति शास्त्र विषय के विद्यार्थियों में इसको लेकर रोष और चिंता है। सबसे संवेदनशील बात यह है कि शिकायतकर्ता पवन कश्यप स्वयं कैंसर पीडि़त है और गंभीर स्थिति में भी शिक्षा जारी रखने का प्रयास कर रहा है। उसके अनुसार, बीमारी के बावजूद उसे सहयोग मिलना तो दूर, बल्कि प्रताडऩा दी जा रही है, जिससे वह मानसिक तनाव में है। पूर्व में भी इसी प्राध्यापिका का कार्यों में लापरवाही और छात्रों से दुव्र्यवहार के कारण स्थानांतरण किया गया था। मगर राजनीतिक पकड़ और प्रभाव के चलते फिर से उनकी पुन: पदस्थापना लांजी महाविद्यालय में कर दी गई। छात्र के अनुसार, पुन: पदस्थापना के बाद भी उनका रवैया और व्यवहार नहीं बदला है।

*छात्र ने अपनी शिकायत में दी स्पष्ट चेतावनी*

शिकायतकर्ता छात्र पवन कश्यप ने चेतावनी दी है कि यदि प्राध्यापिका का स्थानांतरण नहीं किया गया और निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो मैं कॉलेज परिसर में आमरण अनशन पर बैठ जाऊंगा। इसका पूर्ण दायित्व शासन और प्रशासन का होगा। इस विवाद के बाद लांजी महाविद्यालय में तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिल रही है और छात्र समुदाय भी इस मुद्दे पर सक्रिय है। वहीं बढ़ते विवाद और गंभीर आरोपों के बीच अब यह मामला प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग की कसौटी पर है। अब देखना यह होगा कि उच्च शिक्षा विभाग कार्रवाई करता है या मामला कागजी खानापूर्ति में दफन हो जाएगा। फिलहाल, कॉलेज परिसर में यह मुद्दा चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।

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