गाजियाबाद
युवक की संदिग्ध मौत ने उठाए सवाल
परिजनों ने पांच लोगों पर लगाया उकसाने का आरोप, नंदग्राम थाने के बाहर प्रदर्शन, जाम से घंटों ठप रहा यातायात
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गाज़ियाबाद । नंदग्राम थाना क्षेत्र में युवक की आत्महत्या के मामले ने नया मोड़ लेते हुए तूल पकड़ लिया है। मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि उकसावे का मामला बताते हुए एक युवती सहित पाँच लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों ने मांग की है कि जांच नंदग्राम थाने से हटाकर क्राइम ब्रांच को सौंप दी जाए
दो घंटे तक जाम और धरना, पुलिस प्रशासन के हाथ-पैर फूले
शनिवार दोपहर मृतक के परिजन और स्थानीय लोगों ने नंदग्राम थाने के चौराहे पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। करीब दो घंटे तक चले इस धरने के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और क्षेत्र में यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि:
> “हमारे बेटे ने खुदकुशी नहीं की है, उसे मानसिक रूप से परेशान किया गया। जब तक इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं होती, हम पीछे नहीं हटेंगे।”
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कुछ समय पहले ही आरोपी युवती और उसके परिजनों द्वारा लगातार धमकाए जाने और दबाव बनाने की शिकायत स्थानीय पुलिस से की थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। परिजन दावा कर रहे हैं कि इसी मानसिक दबाव के चलते युवक ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।श
प्रशासन की सक्रियता के बाद शांत हुआ मामला
धरना और जाम की सूचना पर प्रशासन सक्रिय हो गया। मौके पर सहायक पुलिस आयुक्त सिहानीगेट ,ए सी पी कविनगर
तथा आसपास के थानों की पुलिस टीम लगाई गई । तब
प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।
पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि:
आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी
जांच प्रक्रिया में किसी को बचाया नहीं जाएगा
आवश्यक कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी
इसके बाद परिजनों और स्थानीय प्रदर्शनकारियों ने जाम हटाया और धरना समाप्त किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल डाटा पर टिकी जांच
पुलिस सूत्रों की मानें तो केस की दिशा तय करने के लिए मृतक का मोबाइल चैट,काल रिर्काडिंग,
खंगाली जा रही है जो इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इलाके में गुस्सा और डर दोनों
घटना के बाद नंदग्राम क्षेत्र में आक्रोश और असुरक्षा की भावना देखी जा रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर पहले शिकायत पर कार्रवाई हुई होती, तो शायद युवक आज ज़िंदा होता
क्या मिलेगी न्याय या मामले पर धूल चढ़ जाएगी?
अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या प्रशासन परिजनों की मांग मानते हुए जांच क्राइम ब्रांच को सौंपेगा या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह समय के साथ ठंडा पड़ जाएगा
फ़िलहाल परिजनों ने चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं मिला तो संघर्ष और बड़ा होगा।


