मथुरा
विश्राम घाट के रैन बसेरे पर स्थायी ताला, नहीं है कोई रखवाला

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मथुरा। सर्दी शुरू हो चुकी है मगर रैन बसेरे अभी तक खाली पड़े हैं। नगर निगम के बंगाली घाट स्थित स्थायी रैन बसेरे में लंबे समय से ताला लगा हुआ है। यहां बिस्तर और रसोई का सामान है मगर कोई मुसाफिर नहीं रुकता है। बंगाली घाट पर नगर निगम का स्थायी रैन बसेरा शायद ही कभी खुला हो। हालांकि यहां सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है। गुजरात से सबसे ज्यादा श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। रैन बसेरे को यहां बनाने का मकसद भी यही था कि यहां आने वाले श्रद्धालु ठहर सकें। लेकिन यहां ताला लगा रहता है। आसपास के लोगों का कहना है कि धर्मशाला वाले ही नहीं चाहते हैं कि यहां रैन बसेरा शुरू हो सके। कई बार नगर निगम के कर्मचारी यहां आते हैं और थोड़ी बहुत देर ताला खोलकर बैठते हैं, फिर इसे बंद करके चले जाते हैं। लोगों ने बताया कि रैन बसेरा संचालित होता तो यहां किसी कर्मचारी की ड्यूटी भी लगाई जाती है, लेकिन यहां कोई देखभाल करने वाला भी नहीं है। ऐसे में यह बंद पड़ा रहता है। जनरल गंज के दुकानदार विपिन कुमार ने बताया कि काफी लोग रैन बसेरे के बारे में पूछते हैं लेकिन यह बंद मिलता है। ऐसे में जिन लोगों के पास ठहरने का इंतजाम नहीं होता है, वह मजबूरन धर्मशालाओं में ठहरने पहुंचते हैं। इस संबंध में सहायक नगर आयुक्त राकेश त्यागी ने बताया कि स्थायी रैन बसेरे को जल्द शुरू किया जाएगा।



