पाकुड़ में दुधारू पशु मेला एवं जिला स्तरीय गव्य प्रदर्शनी का भव्य आयोजन, लाभुकों को मिला पशु चयन का अनूठा अवसर
A grand Dairy Cattle Fair and District Level Cow Exhibition was organised in Pakur, where beneficiaries got a unique opportunity to select their animals.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। बीते बुधवार को बाजार समिति परिसर, पाकुड़ में दुधारू पशु मेला एवं जिला स्तरीय गव्य प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उपायुक्त श्री मनीष कुमार व सांसद प्रतिनिधि श्री श्याम यादव द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। मेले में बड़ी संख्या में पशुपालक, किसान और क्षेत्रीय लाभुक उपस्थित रहे। उपायुक्त मनीष कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि इस वर्ष कार्यक्रम को प्रदर्शनी शैली में आयोजित किया गया है, ताकि लाभुक स्वयं अपनी पसंद के पशु का चयन कर सकें। उन्होंने कहा कि पशु की नस्ल, उसकी सेहत, देखभाल और उत्पादन क्षमता समझने के बाद चयन का अवसर देना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि इस बार विभिन्न विभागों के स्टॉल एक ही परिसर में लगाने से लाभुकों को योजनाओं की समेकित जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही है। यह मॉडल ग्रामीण आजीविका और जागरूकता बढ़ाने में बेहद प्रभावी है। उपायुक्त ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन क्लस्टर अप्रोच को बढ़ावा दे रहा है। डेयरी, बकरी, पोल्ट्री व अन्य पशुधन आधारित समूहों को संगठित ढंग से विकसित किया जा रहा है।आमबागवानी, केला उत्पादन एवं अन्य आजीविका कार्यक्रमों को भी इसी मॉडल पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि जिले में स्थापित होने वाले 10 मेधा डेयरी बुल्क मिल्क चिलिंग सेंटर (BMC) से दूध संग्रहण, गुणवत्ता तथा आपूर्ति प्रणाली और मजबूत होगी। सदर अस्पताल परिसर में भी एक BMC का निर्माण अंतिम चरण में है, जिससे गर्भवती महिलाओं और बच्चों को शुद्ध दूध उपलब्ध कराया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है। पाकुड़ जिले में दूध क्रांति लाना। उपायुक्त ने पशुपालकों को नियमित टीकाकरण व वैज्ञानिक फीडिंग अपनाने की सलाह दी। उपायुक्त ने पशुपालकों से कहा कि पशुओं का नियमित टीकाकरण कराएँ। वैज्ञानिक फीडिंग के तरीकों को अपनाएँ। ठंड के मौसम में होने वाली बीमारियों से सतर्क रहें।मोबाइल वेटनरी वैन का ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतम उपयोग करें। उन्होंने पूरे आयोजन को सफल बताते हुए पूरी टीम को बधाई दी। सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव* ने अपने संबोधन में कहा कि माननीय मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में गरीब, किसान और पशुपालकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएँ सफलतापूर्वक धरातल पर उतरी हैं। उन्होंने बताया कि पशुधन वितरण योजना के तहत इस वर्ष अनुदान की श्रेणियों में विशेष विस्तार किया गया है—सामान्य वर्ग : 50% अनुदान, एसटी/एफटीसी लाभुक : 75% अनुदान, दिव्यांगजन : 90% अनुदान, विधवा महिलाएँ : 90% अनुदान (नया प्रावधान)। उन्होंने कहा कि पशुधन वितरण से रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे और बेरोजगारी की समस्या कम होगी। सांसद प्रतिनिधि श्री यादव ने जिला प्रशासन की अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस बार प्रदर्शनी आधारित मॉडल में लाभुकों को अपनी पसंद के पशु चुनने की सुविधा दी गई है। यह व्यवस्था पहली बार देखने को मिली है और इसके लिए जिला प्रशासन बधाई का पात्र है। मेले में जेएसएलपीएस, पशुपालन विभाग, गव्य विकास, मेधा डेयरी, कृषि विभाग, उद्यान विभाग, सहकारिता विभाग एवं मत्स्य विभाग द्वारा जानकारीपूर्ण स्टॉल लगाए गए थे। उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने सभी स्टॉलों का क्रमवार निरीक्षण किया, लाभुकों से बातचीत की तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की। इन स्टॉलों के माध्यम से लाभुकों को आधुनिक पशुपालन तकनीक, दुधारू पशुओं की नस्ल व देखभाल, फीडिंग एवं पोषण, टीकाकरण, डेयरी प्रबंधन, कृषि एवं उद्यान योजनाएँ, मत्स्य प्रोत्साहन कार्यक्रम जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गईं। मेले के दौरान उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया। 02 गाय योजना के तहत 25 लाभुक, 05 गाय योजना के अंतर्गत 5 लाभुक, शूकर पालन योजना के 6 लाभुक तथा ब्रायलर कुक्कुट पालन योजना के 5 लाभुक को परिसंपत्तियाँ प्रदान की गईं। मेला में बड़ी संख्या में लाभुक, किसान, पशुपालक, विभागीय पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।



