गाजियाबाद
लोनी में बेखौफ दौड़ रहीं बिना फिटनेस बसें
सुरक्षा नियमों की अनदेखी, बढ़ रहा सड़क हादसों का खतरा
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी (गाजियाबाद)। लोनी क्षेत्र की सड़कों पर बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए दौड़ रही बसें अब लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा साबित हो रही हैं। जांच में सामने आया है कि क्षेत्र में चल रही स्कूल बसों, निजी परिवहन बसों और लोकल यात्री वाहनों में से लगभग एक-तिहाई बिना फिटनेस सर्टिफिकेट और अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों के ही सवारी ढो रही है
कई बसों में न तो फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद है और न ही जीपीएस। साथ ही अधिकांश वाहनों में फर्स्ट-एड बॉक्स तक नहीं है, जबकि यह परिवहन विभाग द्वारा अनिवार्य किया गया है
अनुभवहीन ड्राइवर और बिना लाइसेंस कंडक्टर—खतरा दोगुना
स्थानीय स्रोतों के अनुसार, कई बसों पर न तो प्रमाणित चालक तैनात हैं और न ही वे भारी वाहनों के लिए आवश्यक लाइसेंस रखते हैं। इस पर भी कुछ चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पाए गए हैं, जो हालात को और खतरनाक बनाता है।
तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग के कारण बढ़ रही दुर्घटनाएँ
पिछले महीनों में क्षेत्र में बस दुर्घटनाओं के कई मामले सामने आए हैं। जांच में यह पाया गया कि अधिकांश हादसे तेज रफ्तार , चालक का नशे की अवस्था में होना, निर्धारित संख्या से अधिक बच्चों को गाड़ी में बैठाना , सुरक्षा मानकों को अनदेखा करना प्रमुख कारण है
इसके बावजूद वाहन मालिकों पर कार्रवाई न के बराबर है और परिवहन प्रणाली में सुधार को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
प्रशासन की चुप्पी बनी सवाल
नियमों के उल्लंघन के बावजूद परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस की कार्रवाई न होने पर लोगों में नाराज़गी है। शिकायत है कि न तो बसों की नियमित चेकिंग हो रही है और न ही फिटनेस निरीक्षण
स्थानीय लोगों की मांग—तुरंत सख्त कदम उठाए जाएं अभिभावको ने मांग की है कि:
सभी बसों का फिटनेस परीक्षण तुरंत हो, बिना प्रशिक्षण वाले चालकों व परिचालकों के खिलाफ कार्यवाही की जाए या उन्हें बस से हटाया जाए, सुविधा को ध्यान में रखते हुए बसों में
सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से लगाए जाएँ
नियम तोड़ने वाले वाहन मालिकों पर कानूनी कार्रवाई की जाए
आगाज़ सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष हेमा सिंह का कहना है—
“यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की तो किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी किसकी होगी?”


