शामली
खोखरी नदी : 19 महीने में दो बार नोटिस, कब्जाधारी टस से मस नहीं
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना : खोखरी नदी की जमीन को मुक्त कराने का मामला धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। मार्च 2024 में अमित कुमार की शिकायत पर एनजीटी ने जिलाधिकारी, सिंचाई, राजस्व और ड्रेनेज विभाग से जवाब तलब किया था। आदेश के बाद प्रशासनिक हलचल जरूर बढ़ी, लेकिन जमीनी हालात आज भी जस के तस हैं। नदी पर अतिक्रमण हटाने के लिए 19 महीनों में दो बार नोटिस जारी किए गए। पहला नोटिस 11 अप्रैल 2025 को और दूसरा अक्टूबर 2025 में, लेकिन कब्जाधारियों ने अपना ढांचा नहीं हटाया।
खोखरी नदी सहारनपुर के लखनौती से शुरू होकर शामली जिले के लक्ष्मीपुरा, चौसाना, सकौती, कमालपुर और केरटू जाकर यमुना में मिलती हैं। इस पर हो रहे कब्जे को लेकर तहसीलदार ऊन ललिता चौधरी द्वारा एनजीटी में दी गई रिपोर्ट में कहा कि खोखरी नदी की भूमि पर चौसाना और सकौती में कब्जे हैं। जिलाधिकारी के अनुमोदन से टास्क फोर्स भी गठित की गई है। नोटिस भी जारी किए गए हैं। यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो बुलडोजर चलवाकर कब्जा ध्वस्त किया जाएगा और खर्च कब्जाधारियों से वसूलाजाएगा। 21 अक्टूबर 2025 को तहसीलदार द्वारा कब्जाधारियों को नोटिस भेजकर 31 अक्टूबर तक कब्जा हटाने का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया। 27 अक्टूबर को राजस्व टीम और ड्रेनेज विभाग मौके पर पहुंचा और सभी को दोबारा चेताया कि तय तिथि के बाद कार्रवाई होगी। समय सीमा खत्म होने के बाद भी कब्जा वहीं है। तहसीलदार ललिता चौधरी ने बताया कि कब्जाधारियों को 31 अक्टूबर तक का समय दिया गया था। किसी ने कब्जा नहीं हटाया। पूरी रिपोर्ट तैयार कर एनजीटी को भेज दी गई है। इस समय एसआइआर कार्य में व्यस्त हूं। इसके बाद बुलडोजर चलेगा और खर्च कब्जाधारियों से वसूला जाएगा। वहीं, सुबोध, महिपाल, जोगिंदर, शमशाद, नौशाद, आनंद, रूपेश आदि ने कहा कि वर्षों से खोखरी नदी का प्रवाह रुका हुआहै। बारिश में पानी खेतों में भर जाता है, और गांवों में जलभराव हो जाता है। एनजीटी के निर्देश के बाद उम्मीद थी कि नदी की धारा बहाल होगी, लेकिन कब्जा नहीं हटने से हालात और बिगड़ रहे हैं।
नोटिस पाने वालों की सूची
सकौती: राजवीर, रामशरण, भगवान सिंह, फूल कुमार, रामकुमार, शिवकुमार, देशपाल, रवि, मांगेराम, चंद्रपाल, लाभ सिंह, नौशाद, रामपाल, विकास, अरुण, निर्मल, रामकुमार, सचिन कुमार, मोहित, रामपाल, सुकरामपाल, अमित, रामफल, राजेंद्र, तेजपाल, मांगेराम और हरेंद्र।
चौसाना: अतरा, महिपाल, विनोद, घसीटू, प्रमोद और राजेश।


