गोड्डा

गोड्डा के सैकड़ों सरकारी स्कूलों में अब तक नहीं मिली पोशाक-छात्रवृत्ति

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित सैकड़ों सरकारी विद्यालयों के हजारों बच्चों को शैक्षणिक सत्र समाप्त होने के कगार पर पहुंचने के बावजूद अब तक पोशाक (स्कूल ड्रेस) और छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिली है। इससे गरीब, मजदूर और ग्रामीण तबके के बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ रहा है। हालांकि कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को जूता-मौजा की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में भेजी गई है, लेकिन पोशाक और छात्रवृत्ति की मुख्य राशि अब तक लंबित है।
शिक्षा विभाग के अनुसार जिले में प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालय मिलाकर करीब 1500 से अधिक सरकारी स्कूल संचालित हैं। इनमें महागामा, हनवारा, ठाकुरगंगटी, बोआरीजोर, पथरगामा और सुंदरपहाड़ी प्रखंडों के कई स्कूलों से लगातार यह शिकायत सामने आ रही है कि अब तक एक भी बच्चे को पोशाक नहीं मिली है और सैकड़ों बच्चों की छात्रवृत्ति राशि भी उनके बैंक खातों में ट्रांसफर नहीं हो सकी है।
पोशाक नहीं मिलने से अभिभावकों में नाराजगी :
महागामा प्रखंड में जानकारी के अनुसार 1 से 8 कक्षा तक कुल 177 सरकारी विद्यालय संचालित हैं। गांव-गांव जाकर की गई पड़ताल में स्कूली बच्चे के अभिभावक नाराज दिख रहे हैं। कई अभिभावकों ने बताया कि पहले समय पर पोशाक और छात्रवृत्ति मिल जाती थी,लेकिन इस बार सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। हनवारा प्रखंड के बिशनपुर गांव के एक अभिभावक ने बताया कि उनका बेटा बिना वर्दी के स्कूल जाने में झिझकता है और कई बार इसी कारण स्कूल नहीं जाता।
ठंड में बिना स्वेटर-ड्रेस के बच्चे :
ठंड के इस मौसम में स्वेटर और पोशाक नहीं मिलने से बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्कूलों में बच्चे पुराने व फटे कपड़ों में पहुंच रहे हैं, जिससे बीमार होने का खतरा बढ़ गया है। इसका सीधा असर बच्चों की उपस्थिति पर भी दिख रहा है, जो लगातार घट रही है।
ड्रॉपआउट बढ़ने का खतरा :
शिक्षाविदों का मानना है कि पोशाक और छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं गरीब बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं। समय पर इनका लाभ नहीं मिलने से ड्रॉपआउट की संभावना बढ़ सकती है, जो सरकार की शिक्षा नीति पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अविलंब पोशाक और छात्रवृत्ति की राशि बच्चों को उपलब्ध कराई जाए।
क्या कहते है जिला शिक्षा अधीक्षक
जिला शिक्षा अधिक्षक दीपक कुमार ने कहा कि विद्यालय के बच्चों की पोशाक हेतु राशि अब तक जिले को आवंटित नहीं हुई है। कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए जूता-मौजा की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जा चुकी है। राज्य कार्यालय से पोशाक की राशि का आवंटन प्रक्रियाधीन है।
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