
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद : जन शिक्षण संस्थान गाजियाबाद, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत तीन दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ आज बड़े उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. राजेंद्र सिंह सहित समस्त स्टाफ ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि लीड बैंक मैनेजर श्री बुधराम, एवं विशेष अतिथि श्री सत्येंद्र कुमार सागर, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (महिला), राजनगर गाजियाबाद तथा सुश्री पल्लवी त्यागी रहे।
अपने स्वागत भाषण में निदेशक डॉ. राजेंद्र सिंह ने संस्थान की स्थापना से अब तक की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 1994 से जन शिक्षण संस्थान सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को विभिन्न हस्तकला और कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रहा है।
प्रथम सत्र
मुख्य अतिथि श्री बुधराम (LDM) ने प्रतिभागियों को वित्तीय साक्षरता, विशेषकर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत उपलब्ध ऋण सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि व्यवसाय शुरू करने के लिए मुद्रा लोन सबसे उपयोगी विकल्प है, जिसके अंतर्गत शिशु, किशोर और तरुण श्रेणियों में ₹50 हजार से ₹10 लाख तक का ऋण उपलब्ध है। इसके साथ ही ‘तरुण प्लस’ श्रेणी में ₹20 लाख तक का ऋण भी प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने प्रतिभागियों को उद्यमी मित्र पोर्टल (www.udyamimitra.in) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने की भी जानकारी दी और लोन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर सहयोग का आश्वासन दिया।
द्वितीय सत्र
द्वितीय सत्र में श्री सत्येंद्र कुमार सागर ने अनुदेशकों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के महत्व पर संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षक केवल अध्यापक नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी को दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं।
इसके बाद सुश्री पल्लवी त्यागी ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण कौशल, माप एवं कपड़ों की कटिंग आदि से संबंधित उपयोगी सुझाव दिए।
रुडसेट संस्था से आए मोहम्मद कमालुद्दीन ने साइबर सुरक्षा पर जागरूकता प्रदान की। वहीं श्री भारद्वाज कुंवर ने रोजगार एवं बैंकिंग ऋण योजनाओं पर प्रेरक जानकारी दी।
विशेष जानकारी
कार्यक्रम के अंत में निदेशक डॉ. राजेंद्र सिंह ने पीएम विश्वकर्मा योजना का विस्तार से परिचय कराया। उन्होंने बताया कि यह योजना पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को प्रशिक्षण, टूलकिट सहायता एवं ऋण सुविधा प्रदान करती है
प्रतिभाग एवं सम्मान
कार्यक्रम में जनपद के लोनी, भोजपुर, रजापुर एवं मुरादनगर क्षेत्रों से लगभग 46 अनुदेशक एवं अनुदेशिकाओं ने भाग लिया।
समापन सत्र में अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया एवं सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया
कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम अधिकारी गुरुदीन, सहायक कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती शोभा यादव, क्षेत्रीय सहायक मोहित, कंप्यूटर ऑपरेटर रामकुमार, अंकित, सरिता एवं रामराज सहित पूरी टीम का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

