दिल्लीराजनीतिराष्ट्रीय

मैं नहीं जाऊंगा’: वीर सावरकर के नाम वाला सम्मान लेने पर शशि थरूर

बोले- ये आयोजकों की गैरजिम्मेदाराना हरकत

नई दिल्ली । वीर सावरकर पुरस्कार को लेकर विवाद बढ़ा तो कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पुरस्कार लेने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मेरी सहमति बिना नाम घोषित करना गलत है। हालांकि आयोजक संस्था एचआरडीएस इंडिया का दावा है कि थरूर को पहले ही जानकारी दी गई थी और वे राजनीतिक दबाव में पीछे हटे हैं।
वीर सावरकर पुरस्कार को लेकर चल रही चचार्ओं के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वीर सावरकर पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान थरूर ने कहा कि उन्होंने यह पुरस्कार कल ही (मंगलवार) के दिन सुना और वे पुरस्कार समारोह में नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैंने इसके बारे में कल ही सुना। मैं वहां नहीं जा रहा हूं।
शशि थरूर ने साफ किया कि वह वी.डी. सावरकर के नाम पर दिया जाने वाला कोई भी पुरस्कार स्वीकार नहीं करेंगे और न ही इससे जुड़े किसी कार्यक्रम में शामिल होंगे। तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने यह भी कहा कि मेरी सहमति के बिना मेरा नाम घोषित करना आयोजकों की ओर से गैरजिम्मेदाराना हरकत थी।
पुरस्कार देने वाली संस्था ने किया बड़ा दावा-थरूर के बयान के बाद पुरस्कार देने वाली हाई रेंज रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी (एचआरडीएस) इंडिया के सचिव अजी कृष्णन ने एक टीवी चैनल को बताया कि कांग्रेस सांसद को इस मामले की जानकारी काफी पहले ही दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि एचआरडीएस इंडिया के प्रतिनिधियों और पुरस्कार जूरी के अध्यक्ष ने थरूर को आमंत्रित करने के लिए उनके आवास पर उनसे मुलाकात की थी और सांसद ने पुरस्कार के अन्य प्राप्तकतार्ओं की सूची मांगी थी। उन्होंने दावा करते हुए कहा, ‘हमने उन्हें सूची दे दी थी। उन्होंने अभी तक हमें सूचित नहीं किया है कि वे कार्यक्रम में नहीं आएंगे। शायद वे डरे हुए हैं, क्योंकि कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना दिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ” पर एक पोस्ट में कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘पुरस्कार की प्रकृति, इसे प्रदान करने वाले संगठन या किसी अन्य प्रासंगिक विवरण के बारे में स्पष्टीकरण के अभाव में, आज कार्यक्रम में मेरी उपस्थिति या पुरस्कार स्वीकार करने का प्रश्न ही नहीं उठता।’ उन्होंने आगे कहा कि उन्हें मीडिया रिपोर्टों से पता चला कि मंगलवार को स्थानीय निकाय चुनावों में वोट डालने के लिए केरल जाने पर उन्हें इस पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था।
मुरलीधरन ने पुरस्कार को बताया कांग्रेस का अपमान- दूसरी ओर कांग्रेस नेता के मुरलीधरन ने बुधवार को इस मामले में कहा कि किसी भी कांग्रेस सदस्य को चाहे वह सांसद शशि थरूर ही क्यों न हों वीर सावरकर के नाम का कोई भी पुरस्कार नहीं लेना चाहिए। मुरलीधरन ने इसका कारण बताया कि सावरकर ने ब्रिटिशों के सामने झुकाव दिखाया था। मुरलीधरन ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि शशि थरूर यह पुरस्कार स्वीकार नहीं करेंगे, क्योंकि ऐसा करना कांग्रेस पार्टी के लिए अपमान और शर्मिंदगी का कारण बन सकता है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button