ललितपुर
मेगा कृषि आउटरीच कार्यक्रम
कृषि व अन्य सरकार प्रायोजित योजना में 22.45 करोड़ से अधिक का ऋण वितरित

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। बुधवार को मण्डल कार्यालय पंजाब नैशनल बैंक अग्रणी बैंक द्वारा विकास भवन सभागार में मेगा कृषि आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन मण्डल प्रमुख राजकुमार की अध्यक्षता में किया गया। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी सत्य प्रकाश, सीडीओ शेषनाथ, डीडीओ अतिरंजन सिंह, पीडी, एलडीएम रंजीत कुमार, सीवीओ डा.भगवान सिंह व डीडीएम सलिल अर्कवंशी मौजूद रहे। मण्डल प्रमुख ने बैंक के विजन को बताते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य हर उस ग्राहक तक पहुँचने का है जो कृषि या उससे जुड़ी गतिविधियों से जुड़कर अपनी समृद्धि के रास्ते खोलना चाहता है। हमारा बैंक हर कदम पर उसके साथ खड़ा है और उसको आर्थिक मदद करना चाहता है। इसलिए इस तरह के आयोजन देश भर में किए जा रहे है। सरकार के विकसित भारत के लक्ष्य को तब तक पूरा नहीं किया जा सकता है जब तक हमारे देश का किसान और महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त न हों। हमारा बैंक किसानों के लिए विभिन्न प्रकार कृषि ऋण और उससे जुड़े उपकरण और सभी रोजगार परक जैसे मुर्गी पालन, मछली पालन, वेयर हाउस, मधुमक्खी पालन, स्वयं सहायता समूह आदि के लिए ऋण उपलब्ध कराता है। पीएनबी ने अभी तक 1033 करोड़ के ऋण उपलब्ध कराएं है और उसमें से 839 करोड़ के कृषि ऋण हैं जो कुल ऋण का लगभग 81 प्रतिशत है। सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं में भी हमारा बैंक हमेशा अग्रणी रहता है। अभी तक ललितपुर जिले में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 1669, प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 11772 और अटल पेंशन योजना में 5203 लाभार्थियों को कवर किया है। डीएम ने पीएनबी द्वारा उठाए गए इस कदम की सराहना कर आह्वान किया कि इस तरह के आयोजन की तीव्रता और बढ़ाना चाहिए और ब्लॉक स्तर भी इस तरह के आयोजन किए जाने चाहिए। समृद्ध किसान हमारे देश की विकसित अर्थव्यवस्था का प्रतीक हैं, तभी प्रधानमंत्री की विकसित भारत की संकलपना पूरी होगी। कृषि आधारित ऋणों को त्वरित निस्तारित करें और सभी ग्राहक अपने द्वारा लिए गए ऋणों को जमा करें और अपनी क्रेडिट स्कोर को सुधार कर अपने ऋणों की राशि बढ़ाकर अपने व्यापार और कृषि आधारित व्यवसाय को बढ़ावा दें, बैंक से ऋण लें और ग्रामीण सेठ साहूकारों के चुंगल से मुक्ति पाएं। बैंक द्वारा जारी सभी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। सीडीओ ने बैंक स्टाफ को सुझाव देते हुए कहा कि वे सभी लाभार्थियों के ऋण संवितरित करें और सभी संभावित ग्राहकों को सभी आवश्यक दस्तावेजों की उचित जानकारी समय पर उपलब्ध कराएं, इस आयोजन में कृषि विज्ञान अनुसंधान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिक मुकेश चंद ने कृषि आधारित योजनाओं की जानकारी दी और सभी उपस्थित नारी शक्ति का आह्वान किया कि वे अपने परिवार को सशक्त और संबल बनाएं। इस आयोजन में सभी मुख्य अतिथि और प्रशासनिक अधिकारियों सहित मण्डल प्रमुख राजकुमार, मुख्य प्रबन्धक कमलेश सरन, वरिष्ठ प्रबन्धक मुकेश पटेल, चित्रांशु और ललितपुर जिले की शाखाओं के शाखा प्रभारी, कृषि अधिकारी और सम्मानीय ग्राहक गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल और सारगर्भित संचालन राजभाषा प्रबन्धक जीतेंद्र कुमार अहिरवार ने व आभार एलडीएम ने व्यक्त किया।
दस साल से किसी ने नहीं लिया 180.94 करोड़ रुपये का हाल, आरबीआई बना कस्टोडियन
खातों में रुपये हैं लेकिन उन्हें कोई पूछ नहीं रहा। जिले की 18 बैंकों की शाखाओं में 180.94 करोड़ रुपये इस श्रेणी में पड़े हैं। दस साल से खाते में लेनदेन न होने पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 180.94 करोड़ रुपये अपने कस्टोडियन में ले लिए हैं। यह रुपये करीब 74104 खातों में जमा हैं। बैंक में रुपये जमा किए जाने के बाद भूल जाना शायद ही कोई जानता हो लेकिन जिले में करीव 74104 बैंक खाते ऐसे चिह्नित हुए हैं जिनका दस साल संचालन ही नहीं हुआ। चिह्नित किए गए 74104 खातों में 180.94 करोड़ रुपये जमा है। इन्हें आरबीआई ने अपने कस्टोडियन में लिया है। बताया कि दस साल से खातों का संचालन न किए जाने की श्रेणी में चिह्नित किए गए है। सरकारी और संस्थाओं के खाते भी शामिल दस साल से बैंक खाता संचालन न करने वालों में आम उपभोक्ताओं के साथ संस्थाओं और सरकारी विभागों के खाते भी शामिल हैं।



