यूपी में कोडीन कफ सिरप रैकेट पर सख्ती
28 जिलों में 128 प्रतिष्ठानों पर FIR, 3.5 लाख बोतलें जब्त

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री और भंडारण के खिलाफ चल रही मुहिम तेज हो गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की कमिश्नर डॉ. रौशन जैकब ने स्पष्ट किया कि कोडीन रखना या बेचना गैरकानूनी नहीं है, लेकिन यदि खरीद-बिक्री के सम्पूर्ण कागजात उपलब्ध न हों, तो यह अपराध है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में कफ सिरप से हुई बच्चों की मौतों का यूपी से कोई लेना-देना नहीं है।
FSDA और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 28 जिलों के 128 प्रतिष्ठानों के खिलाफ FIR दर्ज की गई हैं। प्रमुख रूप से वाराणसी (38 मामले), अलीगढ़ (16), कानपुर (8), गाजियाबाद (6) और लखनऊ (4) में सबसे ज्यादा अनियमितताएं सामने आई हैं। अन्य जिलों में 52 मामले दर्ज हैं। कुल 279 चिकित्सा प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 3.5 लाख बोतलों (लगभग 4.5 करोड़ रुपये कीमत) का जब्तीकरण हुआ है।
डॉ. जैकब ने बताया कि यह रैकेट हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और झारखंड की फैक्ट्रियों से सप्लाई लेकर नेपाल, बांग्लादेश और दुबई तक फैला था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत IG-स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है, जिसमें FSDA अधिकारी भी शामिल हैं। अब तक 32 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि 280 ड्रग लाइसेंस रद्द करने के नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रधान सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने कहा कि राज्य में कोडीन सिरप से कोई मौत नहीं हुई है। STF और ED भी जांच में जुड़ चुकी हैं। डॉ. जैकब ने चेतावनी दी कि गैर-चिकित्सकीय उपयोग (जैसे नशे के लिए) पर NDPS एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई होगी। यह अभियान सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए जारी रहेगा।



