पाकुड़

नालसा के आशा इकाई योजना के तहत बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में जागरूकता सह- प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन

Awareness cum training program was organized towards eradication of child marriage under Asha Unit Scheme of NALSA.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
नालसा नई दिल्ली एवं झालसा रांची के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ शेष नाथ सिंह के निर्देश पर सचिव रूपा बंदना किरो की उपस्थिति में नालसा के योजना आशा इकाई (जागरूकता, समर्थन, सहायता और कार्रवाई) बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में 2025 पर पैरा लीगल वॉलिंटियर्स को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के सभागार में किया गया। जिसमें सचिव रूपा बंदना किरो, लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के डिप्टी चीफ मो नुकुमुद्दीन शेख, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस वाड़ा, बाल संरक्षण इकाई पदाधिकारी व्यास ठाकुर एवं कॉर्डिनेटर द्वारा बाल विवाह रोकथाम, पुर्नावास, करवाई, पर जानकारी दी गई।सचिव रूपा बंदना किरो ने बताया कि नालसा द्वारा बाल विवाह उन्मूलन के लिए 2025 में शुरू किया गया एक व्यापक अभियान और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) है, जो जागरूकता, कानूनी सहायता, वित्तीय मदद, परामर्श और पुनर्वास (शिक्षा/कौशल) के माध्यम से लड़कियों को सशक्त बनाता है, ताकि बाल विवाह की कुरीति को जड़ से खत्म किया जा सके और ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ का लक्ष्य हासिल हो सके।समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस वाड़ा ने इस अभियान के तहत बताया कि इसका उद्देश्य कानूनी और जमीनी स्तर पर एक मजबूत तंत्र बनाना है ताकि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सके। रोकथाम के लिए कई बिंदु पर जागरूक की गई।वहीं बाल संरक्षण इकाई पदाधिकारी व्यास ठाकुर ने बाल विवाह के दुष्प्रभाव, रोकथाम, सजा के प्रावधान पर विस्तृत जानकारी दी।लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के डिप्टी चीफ मो नुकुमुद्दीन शेख ने बाल विवाह एक अपराध पर कानूनी जानकारी दी जिसमें सजा का प्रावधान के बारे में बताया गया साथ ही बताया कि शिक्षा बहुत जरूरी है और जागरूकता फैलाने को लेकर कहा गया ताकि सही समय रहते बाल विवाह को रुकवाया जा सके।

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