यूपी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की समयसीमा फिर बढ़ने की संभावना
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान की समयसीमा एक बार फिर बढ़ाए जाने की संभावना प्रबल हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (18 दिसंबर) को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) से विभिन्न राज्यों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और केरल में जमीनी हकीकत को ध्यान में रखते हुए गणना फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाने के अनुरोधों पर “सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण” अपनाने को कहा है।
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में गणना (एन्यूमरेशन) अवधि 26 दिसंबर 2025 तक निर्धारित है, जिसे 11 दिसंबर को 15 दिनों की बढ़ोतरी के साथ संशोधित किया गया था। इसके बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 दिसंबर 2025 को प्रकाशित होने वाली है। हालांकि, राज्य में करीब 2.91 करोड़ मतदाताओं के नामों (मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित या डुप्लीकेट) की गहन सत्यापन प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, जिसके कारण मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा पहले ही दो सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत की मांग कर चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद निर्वाचन आयोग के जल्द ही नई संशोधित तिथियां जारी करने की उम्मीद है। इससे पहले भी आयोग ने कई राज्यों में SIR की समयसीमा कई बार बढ़ाई है, ताकि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और अद्यतन बनाया जा सके।



