मेरठ

एमआईईटी और सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के बीच एमओयू

इंजीनियरिंग व कृषि विज्ञान के समन्वय से विकसित होंगे उच्च प्रभाव वाले संयुक्त अनुसंधान प्रोजेक्ट

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मेरठ। उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत एमआईईटी ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस और सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एसवीपीयूएटी) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह रणनीतिक सहयोग इंजीनियरिंग, तकनीक और कृषि विज्ञान के बीच सुदृढ़ समन्वय स्थापित करते हुए बहुविषयक अनुसंधान और अकादमिक उत्कृष्टता को नई दिशा देगा।
एमओयू पर एमआईईटी के वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल तथा एसवीपीयूएटी के कुलपति डॉ. के.के. सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ शिक्षाविदों और प्रशासकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। समझौते का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों के लिए साझा अनुसंधान, नवाचार, तकनीकी विकास और अकादमिक आदान-प्रदान के अवसरों को सशक्त बनाना है।
एमआईईटी ग्रुप के चेयरमैन विष्णु शरण ने कहा कि यह साझेदारी दोनों संस्थानों की अनुसंधान क्षमताओं को एकीकृत कर समाजोपयोगी और उद्योगोन्मुख नवाचारों को बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग और कृषि विज्ञान के संगम से ऐसे समाधान विकसित होंगे, जो समकालीन चुनौतियों का प्रभावी उत्तर प्रस्तुत करेंगे।
हस्ताक्षर समारोह में एमआईईटी की ओर से कैंपस निदेशक प्रो. (डॉ.) एस.के. सिंह, एमआईटी प्रोफेशनल कोर्सेस के प्रिंसिपल डॉ. हिमांशु शर्मा, डीन प्रो. (डॉ.) संजीव सिंह, प्रो. (डॉ.) अनुराग ऐरन तथा प्रो. (डॉ.) आलोक शर्मा उपस्थित रहे। एसवीपीयूएटी की ओर से निदेशक (अनुसंधान) डॉ. कमल खिलारी और कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी के डीन डॉ. जयवीर सिंह ने सहभागिता की। नवाचार एवं उद्यमिता क्षेत्र का प्रतिनिधित्व अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर (एसीआईसी) के सीईओ डॉ. प्रशांत गुप्ता ने किया।
दोनों संस्थानों के नेतृत्व ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहयोग उच्च प्रभाव वाले संयुक्त अनुसंधान प्रोजेक्ट्स, शिक्षक एवं छात्र विनिमय कार्यक्रमों तथा स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एसीआईसी के माध्यम से अनुसंधान को व्यावसायिक रूप देने और नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने पर भी विशेष बल दिया जाएगा।
एमआईईटी के डीन प्रो. (डॉ.) संजीव सिंह ने कहा कि यह समझौता न केवल शोध गुणवत्ता को सुदृढ़ करेगा, बल्कि क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक उत्कृष्टता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी सहायक सिद्ध होगा।
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