गोड्डा

करोड़ों की लागत, फिर भी खोखली नींव-गेरवा नदी का हाई लेवल पुल बना भ्रष्टाचार की मिसाल 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
बसंतराय। झारखंड एवं बिहार राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र कोरियाना और बल्लन चक के बीच गेरवा नदी पर निर्मित हाई लेवल पुल एक बार फिर भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ता हुआ नजर आ रहा है । करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित यह पुल मेहज 12 वर्ष में ही जर्जर अवस्था में पहुंच गया है जो सरकारी दावा और जमीनी हकीकत के बीच गहरे अंतर को उजागर करता है। प्राप्त जानकारी एवं प्रत्यक्ष निरीक्षण के अनुसार पुल का पाया।  फाउंडेशन बुरी तरह क्षतिग्रस्त पाया गया है। पुल के पिलर के समीप अवैध एवं अंधाधुंध बालू उत्खनन के कारण नदी का तल काफी गहरा हो चुका है। हालात इतने गंभीर है कि पिलर में लगे सरिया (छड़ )हवा में झूलती हुई साफ दिखाई दे रही है जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसी गेरवा नदी पर सनौर फतुचक पथ के बीच अवस्थित लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक अन्य पुल भी चर्चा में है जहां पिलर पूरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में पाया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुल निर्माण विभाग और संबंधित संवेदकों की घोर लापरवाही, साथ ही अवैध बालू माफियाओं के संरक्षण, इस भयावाह स्थिति के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है। ग्रामीण और क्षेत्रवासियों  में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि सरकार और विभाग बड़े-बड़े विकास के दावे तो करते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर गुणवत्ता की अनदेखी कर जनता की जान को खतरे में डाल रहा है। इतने कम उम्र में पुल का इस हालत में पहुंचे जाना संभावित दुर्घटनाओं को खुला निमंत्रण है ।ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषी संवेदक को एवं विभागीय अभियंताओं पर कठोर कार्रवाई की जाए। अवैध बालू उत्खनन पर तत्काल रोक लगे और पुल की तकनीकी जांच कर आवश्यक मरम्मत करवाई जाए ।साथ ही भविष्य में इस तरह की लापरवाही और भ्रष्टाचार की पुनरावृत्ति पर सख्त विराम लगाया जाए। यह मामला न केवल एक पुल के जर्जर हालत का है बल्कि यह सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार, लापरवाही और जवाबदेही की कमी पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है ।अब देखना है कि जिम्मेदार अधिकारी चेतते हैं या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही कार्रवाई होगी।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button