नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ड्रग डिज़ाइन एंड मेडिसिनल केमिस्ट्री में ऑनलाइन वर्चुअल माध्यम से प्रस्तुत किया व्याख्यान
Presented a lecture at the National Conference on Drug Design and Medicinal Chemistry through virtual online mode.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
साहिबगंज साहिबगंज कॉलेज, साहिबगंज के रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं अकादमिक डीन इंचार्ज डॉ.अनिल कुमार ने बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा द्वारा आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ड्रग डिज़ाइन एंड मेडिसिनल केमिस्ट्री में आमंत्रित व्याख्यान ऑनलाइन वर्चुअल माध्यम से प्रस्तुत किया।इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट ऑफ केमिस्ट्री, मधेपुरा द्वारा विभागाध्यक्ष डॉ.नरेश कुमार के नेतृत्व में किया गया।इस अवसर पर डॉ.अनिल कुमार ने ड्रग डिजाइन एंड मेडिसिनल केमिस्ट्री फ्रॉम ट्रेडीशनल एप्रोचेस टू एआई ड्रिवन इनोवेशन विषय पर अपना सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने व्याख्यान में डॉ.अनिल कुमार ने औषधि रसायन विज्ञान एवं ड्रग डिज़ाइन की पारंपरिक एवं आधुनिक विधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने नई दवाओं के विकास में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं,ड्रग्स के विभिन्न प्रकार स्ट्रक्चर बेस्ड ड्रग डांसिंग,कंप्यूटर एडेड ड्रग डिजाइन तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग पर गहन चर्चा की।डॉ. अनिल ने बताया कि किस प्रकार एआई को ड्रग डेवलपमेंट, क्लिनिकल ट्रायल्स और डेटा एनालिसिस में एकीकृत किया जा रहा है।साथ ही उन्होंने एआई के उपयोग से जुड़े लाभ,सीमाएँ, वेभविष्य की चुनौतियाँ एवं नैतिक चिंताओं पर भी विस्तार से अपने विचार साझा किए।उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने दवा खोज प्रक्रिया को अधिक तेज,सटीक और तर्कसंगत बनाकर ड्रग डिज़ाइन के क्षेत्र में एक नई क्रांति ला दी है। औषधि रसायन विज्ञान के साथ एआई के समन्वय से अधिक सुरक्षित,प्रभावी और व्यक्तिगत दवाओं के विकास की अपार संभावनाएँ हैं,जो भविष्य में फार्मास्यूटिकल अनुसंधान की दिशा और दशा को बदलने वाली हैं। सम्मेलन में उपस्थित शिक्षकों, शोधार्थियों एवं प्रतिभागियों ने डॉ. अनिल कुमार के व्याख्यान की प्रशंसा की।साथ ही भविष्य में मेडिसिनल केमिस्ट्री एवं ड्रग डिज़ाइन के क्षेत्र में एआई के व्यापक उपयोग की संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की गई।इससे रोगियों को सुरक्षित, सटीक एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी और रोगी शीघ्र स्वस्थ हो सकेंगे।

