खैरथल

अरावली संरक्षण को लेकर स्वैच्छिक संस्थाओ ने उठाई आवाज

राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
खैरथल–तिजारा: जिले में अरावली बचाने की मुहिम तेज होने लगी खैरथल की स्वैच्छिक संस्था ऊंची उड़ान वेलफेयर फाउंडेशन के प्रतिनिधिमंडल ने अरावली पर्वत श्रृंखला के संरक्षण से जुड़े गंभीर विषय को लेकर भारत के राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन शिवपाल जाट, उप जिला कलेक्टर, खैरथल तिजारा को सौंपा।

ज्ञापन में अरावली पर्वत श्रृंखला की हालिया परिभाषा में किए गए बदलावों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। फाउंडेशन के संस्थापक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि इस नई परिभाषा के कारण अरावली क्षेत्र में अवैध खनन, जंगलों की कटाई, जलस्रोतों का नष्ट होना और पर्यावरणीय असंतुलन तेजी से बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन, जल सुरक्षा और जैव-विविधता पर पड़ रहा है।
जिला कलेक्टर ने ज्ञापन को राष्ट्रपति तक पहुंचाने का आश्वासन देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इस दिशा में जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर फाउंडेशन के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि यदि अरावली को नहीं बचाया गया तो आने वाली पीढ़ियों को जल संकट, प्रदूषण और मरुस्थलीकरण जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
“अरावली बचेगी, तभी भविष्य बचेगा” — इसी संदेश के साथ संस्था ने जन-जागरूकता अभियान को और तेज करने का संकल्प दोहराया। इसी क्रम मे जिला विप्रकल्याण समिति के अध्यक्ष संदीप मिश्रा ने भी जिला प्रशासन को राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री के नाम पत्र भेज अरावली पर नयी परिभाषा को दुर्भाग्यशाली  पूर्ण बताते हुए वापसी की मांग की है
 इस दौरान फाउंडेशन के सदस्य
अंकित शर्मा (गुरुजी), मुकेश कुमार गुप्ता, मनोज अग्रवाल, सुनील लालवानी, गिरीश डाटा, श्याम लाल, बाबूलाल शर्मा ,महेंद्र जांगिड़,  हिमांशु गुप्ता, सुमित कुमार, कृष्ण चौधरी, शिवानी शर्मा, जिगर शर्मा, सावन सिंह, तनुज शर्मा, अमित चौधरी, हेमंत गुर्जर, अंकित जोशी, प्रहलाद गोयल इत्यादि उपस्थित रहे।
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