झारखण्ड हाईकोर्ट के फैसले के बाद 504 SAP जवानों की सेवा समाप्त, 600 से अधिक पर गिरेगी गाज
Following the Jharkhand High Court's decision, the services of 504 SAP jawans have been terminated, and more than 600 will face action.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
रांची। झारखण्ड हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद पुलिस मुख्यालय ने राज्य के 504 स्पेशल ऑक्सीलरी पुलिस (SAP) जवानों की सेवा समाप्त कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में 600 से अधिक अन्य SAP जवानों की सेवाएं भी समाप्त की जाएंगी। हाईकोर्ट ने SAP जवानों के लिए निर्धारित अधिकतम सात वर्ष की सेवा अवधि को वैध ठहराते हुए राज्य सरकार की नियमावली को सही माना है। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, अगले दो दिनों के भीतर लगभग 70 और जवानों को सेवा से मुक्त किया जाएगा। वहीं, जिन 550 जवानों की सेवा समाप्ति पर अब तक कोर्ट के आदेश से रोक लगी हुई थी, उनका अस्थायी स्टे भी हट जाएगा और उनकी सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। दरअसल, इन 550 जवानों ने अपनी सेवा जारी रखने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने पहले अस्थायी राहत दी थी, जिसके चलते वे अब तक सेवा में बने हुए थे। हालांकि, ताजा आदेश में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की दलीलों को स्वीकार करते हुए SAP के लिए बनी नियमावली को वैध ठहराया और सात साल की सेवा सीमा को बरकरार रखा। इस फैसले के बाद रांची स्थित SAP-1 (टाटीसिलवे) और जमशेदपुर स्थित SAP-2 वाहिनी (हलुदबनी) में कुल मिलाकर करीब 700 जवान ही शेष रह जाएंगे। बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने इन पदों पर नई बहाली की प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए हैं। उल्लेखनीय है कि SAP की दोनों बटालियनों का कार्यकाल पहले ही 31 मई 2027 तक बढ़ाया जा चुका है।
स्पेशल ऑक्सीलरी पुलिस में नियुक्त जवान पूर्व सैनिक होते हैं, जिन्हें अनुबंध के आधार पर बहाल किया जाता है। SAP बटालियन का गठन 7 जून 2008 को किया गया था। उस समय बनाई गई नियमावली के अनुसार, सेवानिवृत्त सैनिकों को प्रारंभ में दो वर्ष के लिए नियुक्त किया जाता है और अधिकतम पांच वर्षों का ही सेवा विस्तार दिया जा सकता है। इस तरह किसी भी जवान को SAP में अधिकतम सात वर्ष तक ही सेवा देने की अनुमति है। इसी नियमावली के तहत वर्ष 2023 में सात साल की सेवा पूरी कर चुके 970 SAP जवानों की सेवाएं समाप्त की गई थीं। उस कार्रवाई को भी कोर्ट में चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि चूंकि SAP बटालियनों का कार्यकाल 31 मई 2027 तक बढ़ाया गया है, इसलिए उन्हें भी उसी अवधि तक सेवा में रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह दलील भी दी थी कि नियमों में 69 वर्ष तक सेवा देने का प्रावधान है। राज्य सरकार ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि 69 वर्ष तक सेवा का प्रावधान केवल उन जवानों पर लागू होता है, जो 62 वर्ष की आयु में SAP में शामिल हुए हों, और ऐसे जवान भी अधिकतम सात वर्ष तक ही सेवा दे सकते हैं। हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करते हुए सेवा सीमा को बरकरार रखा। जिन 504 जवानों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, वे राज्य के 15 जिलों—रांची, जमशेदपुर, सरायकेला, चाईबासा, धनबाद, गिरिडीह, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, पाकुड़, पलामू, रामगढ़ और चतरा—में विभिन्न थानों, पिकेटों, प्रशिक्षण केंद्रों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर तैनात थे। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, कुछ जवान सुनवाई के दौरान ही स्वेच्छा से नौकरी छोड़ चुके थे, जबकि शेष के खिलाफ अब औपचारिक रूप से सेवा समाप्ति की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।


