यूपी विधान परिषद में आरक्षण मुद्दे पर भारी हंगामा
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- पिछड़ों के हक से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधान परिषद के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन बुधवार को लेखपाल भर्ती में आरक्षण नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर विपक्षी दलों ने भारी हंगामा किया। विपक्षी सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करने लगे और सरकार पर पिछड़े वर्ग के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया। इस दौरान सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
डिप्टी सीएम का पलटवार:
नेता सदन एवं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष के आरोपों का जोरदार खंडन किया। उन्होंने कहा, “पिछड़ों के हक से खिलवाड़ नहीं होने देंगे, आरक्षण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” मौर्य ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा, “सच सुनने का साहस दिखाओ” और “हिम्मत है तो सच सुनिए।” उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार आरक्षण विरोधी नहीं है और किसी भी अनियमितता की पूरी जांच कराई जाएगी।
विपक्ष का आरोप:
मुख्य रूप से समाजवादी पार्टी (सपा) सहित विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि लेखपाल भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों के अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। विपक्ष ने भाजपा को आरक्षण विरोधी करार देते हुए तीखा हमला बोला और सदन में जोरदार प्रदर्शन किया। यह हंगामा सत्र के अंतिम दिन हुआ, जिसमें कई महत्वपूर्ण विधेयक भी पारित किए गए। सरकार ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए जांच का आश्वासन दिया है। सत्र आज समाप्त हो गया, लेकिन आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर यह विवाद आगे भी सियासी गर्मी बढ़ा सकता है।




