बेतुल
बैतूल धनियाजाम पंचायत में सरकारी आदेश की खुलेआम अवहेलना
बिना कोरम प्रस्ताव, बिना ग्रामीण ग्राम सभा, कागजों में चल रही पंचायत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। जनपद पंचायत चिचोली द्वारा 24 दिसंबर को जारी आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि 26 दिसंबर 2025 को सुबह 10:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा आयोजित की जाए। आदेश में यह भी उल्लेख था कि ग्राम सभा का आयोजन शासन द्वारा जारी एजेंडा के अनुसार किया जाएगा, कोरम की पूर्ति अनिवार्य होगी, ग्रामवासियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और पूरी कार्यवाही का फोटोग्राफ व वीडियो रिकॉर्ड तैयार कर पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
लेकिन धनियाजाम ग्राम पंचायत में जो हुआ, उसने इस पूरे आदेश और व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि जहां आदेश में साफ लिखा था कि ग्राम सभा सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी, वहीं धनियाजाम में सरपंच और सचिव ने दोपहर करीब 2 बजे ही पंचायत भवन में ताला लगाकर ग्राम सभा समाप्त कर दी। उस समय तक बड़ी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन तक पहुंचे ही नहीं थे। जब सचिव से पूछा गया कि आदेश में शाम 7 बजे तक ग्राम सभा लेने के निर्देश हैं, तो सचिव द्वारा कथित रूप से कहा गया कि हम जनपद के हिसाब से नहीं, अपने हिसाब से पंचायत चलाते हैं।
– पंचायत में बैठकर फर्जी जानकारी की जा रही तैयार
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। 15 अगस्त की ग्राम सभा स्थगित कर दी गई थी, जो आज तक नहीं ली गई। 2 अक्टूबर की ग्राम सभा भी आयोजित नहीं हुई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी आदि कर्मयोगी अभियान, जिसमें घर-घर जाकर सर्वे किया जाना था, वह भी नहीं कराया गया। आरोप है कि पंचायत में बैठकर ही फर्जी जानकारी तैयार कर जनपद में फिट कर दी गई।
इतना ही नहीं, गांव का नक्शा भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गांव में जाकर नहीं, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्र में बैठकर ही तैयार किया गया और फर्जी डेटा आगे भेज दिया गया। ग्रामीणों का दावा है कि ग्राम पंचायत धनियाजाम में आज दिनांक तक कभी भी कोरम पूर्ण नहीं हुआ, इसके बावजूद सचिव द्वारा नियमित रूप से प्रस्ताव पारित किए जाते रहे।
– मनमर्जी से पंचायत चला रहे सरपंच, सचिव
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सरपंच और सचिव अपनी मनमर्जी से पंचायत चला रहे हैं। पूर्व में कलेक्टर को शिकायत भी की गई थी, लेकिन आज दिनांक तक न तो उसकी जांच हुई और न ही कोई कार्यवाही। ग्रामीणों ने पूरे मामले में जनपद स्तर के अधिकारियों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है और कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग की है।



