असम

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राजनीतिक माफिया नेता बताया, राजेन गोहाई का विस्फोटक बयान। 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

असम की राजनीति में आज भारी हलचल मच गई है। बीजेपी छोड़कर हाल ही में क्षेत्रीय राजनीतिक दल असम जातीय परिषद में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व सांसद राजेन गोहाई ने आज मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा शर्मा के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। मरान में आयोजित असम जातीय परिषद के भ्रातृ संगठन जातीय युवा शक्ति की एक आम सभा में भाग लेते हुए राजेन गोहाई ने मीडिया के सामने मुख्यमंत्री को तीखी भाषा में आलोचना की। उन्होंने मुख्यमंत्री को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राजनीतिक माफिया नेता करार देकर सनसनीखेज माहौल बना दिया। राजेन गोहाई ने मुख्यमंत्री के अतीत के विभिन्न विवादास्पद प्रसंग उठाते हुए कहा कि लुइच बरजर घोटाला से शुरू होकर मानवेंद्र शर्मा तक विभिन्न समय में बड़े जाल में फंस चुके हैं, लेकिन हिमंत बिस्वा शर्मा को कोई भी ऐसा नहीं कर पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जुबिन गर्ग की मौत और जोनमनी राभा की मौत जैसे रहस्यमयी घटनाओं को सरकार ने चालाकी से दबा दिया। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि सभी को विश्वास कर लें, लेकिन इस व्यक्ति पर कभी विश्वास न करें। जो कोई उनकी चापलूसी करती है, उन्हें धिक्कारते हुए गोहाई ने कहा कि वे नहीं जानते कि वे अपने बेटे – बेटियों का भविष्य किसके हाथों नष्ट कर रहे हैं। मियां और मुसलमान संबंधी राजनीति पर भी राजेन गोहाई ने मुख्यमंत्री की कठोर आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मियां-मुस्लिम कहकर चिल्लाते रहते हैं, जबकि वास्तव में वे आजानपीर या चंदसाई को पहचान भी नहीं पाते। असमिया हिंदू और मुसलमान गांवों के बीच युगों से चली आ रही सौहार्द में मुख्यमंत्री क्यों जहर घोलना चाहते हैं, यह सवाल भी उन्होंने उठाया। अजनबी लोगों को निकाल बाहर करने के नाम से सरकार वास्तव में अभी तक विदेशी को राज्य से बाहर नहीं निकल पाई, इस पर उन्होंने कटाक्ष किया। मुख्यमंत्री के असमिया प्रेम को दिखावा बताते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि उनका असमिया प्रेम इतना ही गहरा होता, तो वे कितने असमिया युवकों को आगे ले जा पाते। आज हर काम के लिए उनकी सरकार मियां लोगों पर निर्भर हो गई है, ऐसा भी उन्होंने टिप्पणी की। बीजेपी के एक समय के शक्तिशाली नेता द्वारा अब अपने पुराने दल और उसके नेतृत्व के खिलाफ इतना खुला युद्ध घोषित करना राज्य की राजनीति को नया आयाम दे रहा है।

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