गाजियाबाद

लोनी नगर पालिका परिषद के खिलाफ 5 जनवरी को होगा घेराव व प्रदर्शन

सभासद अंकुश जैन मिंकू का भ्रष्टाचार पर तीखा प्रहार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो l
लोनी। वार्ड संख्या 41 के भाजपा पार्षद अंकुश जैन मिंकू ने नगर पालिका परिषद लोनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह से कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। अपने कार्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि अधिशासी अधिकारी की मनमानी और तानाशाहीपूर्ण रवैये के कारण उनके वार्ड में लगातार सफाई कर्मियों को नहीं भेजा जा रहा, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में गंदगी का अंबार लगा हुआ है और स्थानीय नागरिक भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
सभासद अंकुश जैन मिकू ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायतों के बाद भी अधिकारियों द्वारा जानबूझकर अनदेखी की जा रही है, मानो जनता की समस्याओं से उनका कोई सरोकार ही नहीं। उन्होंने कहा कि नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी जन प्रतिनिधियों को अपमानित कर दबाने का प्रयास कर रहे हैं। सभासद ने खुलासा किया कि पिछले वर्ष उनके आवास एवं कार्यालय के बाहर कूड़े का ढेर लगवाना किसी प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम नहीं, बल्कि साज़िश और प्रत्यक्ष धमकी का प्रतीक था। यह घटना लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर गहरी चोट है।
सभासद अंकुश जैन ने चेतावनी दी कि यदि वार्ड में नियमित सफाई व्यवस्था तत्काल बहाल नहीं की गई और भ्रष्टाचार एवं पक्षपातपूर्ण नीति पर रोक नहीं लगी, तो दिनांक 5 जनवरी, सोमवार को अपने वार्ड के लोगों के साथ नगर पालिका परिषद लोनी कार्यालय का घेराव करते हुए प्रदर्शन करेंगे।जिसमें वार्ड-41 के सैकड़ों नागरिक, व्यापारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। जैन ने साफ कहा — “जब तक जनता के साथ हो रहा भेदभाव बंद नहीं होता, संघर्ष जारी रहेगा।”
उन्होंने सफाई व्यवस्था से जुड़े टेंडर पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि सफाई कार्य के लिए छोड़े गए टेंडर में करोड़ों रुपए के गोलमाल की आशंका स्पष्ट दिखाई देती है। नगर पालिका से जुड़े तथाकथित लायन ग्रुप पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्था न तो समय पर सफाई कर्मचारी उपलब्ध करा पा रही है और न ही सफाई वाहन, फिर भी इसी समूह का ठेका बढ़ाया जाना भ्रष्टाचार और मिलीभगत का खुला संकेत है। अधिकांश वार्डों में गंदगी और कचरे का साम्राज्य फैला हुआ है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।
इसी मुद्दे पर भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रमेन्द्र जांगड़ा ने भी नगर पालिका की वित्तीय व्यवस्था पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि लोनी के विकास कार्यों के लिए आई धनराशि की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि क्षेत्र के विधायक नंदकिशोर गुर्जर स्वयं नगर पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के मामलों को समय-समय पर उठाते रहे हैं, इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर दोषियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या अधिशासी अधिकारी की पकड़ जनता के चुने हुए जन प्रतिनिधियों से भी ज्यादा मजबूत है, अथवा लेन-देन के खेल ने पूरे सिस्टम को जकड़ रखा है?
लोनी में फैलती बदइंतज़ामी, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता ने शहर की जनता को झकझोर कर रख दिया है। अब निगाहें 5 जनवरी को होने वाले घेराव पर टिकी हैं — जहाँ जनता यह संदेश देना चाहती है कि लोकतंत्र में अधिकारी नहीं, जनता सर्वोपरि है।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button