शामली
आवारा कुत्तों का आतंक, सरकारी अस्पताल में उमड़ी काटे गए मरीजों की भीड़

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कांधला। सोमवार को दो दिन की छुट्टी के बाद सरकारी अस्पताल खुलते ही आवारा कुत्ते, बिल्ली व बंदर के काटने से घायल महिला, पुरुष और बच्चों की भारी भीड़ अस्पताल परिसर में उमड़ पड़ी। अचानक बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने से कुछ समय के लिए अस्पताल कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। चिकित्सकों व फार्मासिस्टों ने सभी घायलों को प्राथमिक उपचार देकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई और उन्हें आवारा जानवरों से दूर रहने की सलाह दी।
कस्बा व आसपास के गांवों में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। आए दिन लोग इनके हमलों का शिकार हो रहे हैं। सोमवार को अस्पताल पहुंचे घायलों में कस्बा निवासी हिमांशु, भभीसा निवासी पुनीत, घसौली निवासी बच्चे सृष्टि व कार्तिक, भारसी निवासी बालक पुनीता, चारु चौधरी, लिसाढ़ निवासी शिवांशी, पंजखोरा निवासी कृष्णपाल, डुंगर निवासी किशोरी,हिमांशी, सरनावली निवासी संजीव तथा कांधला निवासी देवकुमार, बिट्टू व शिवम शामिल रहे। सभी को आवारा कुत्तों ने काटकर घायल कर दिया।
अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट सुधाकर प्रसाद ने बताया कि सभी पीड़ितों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाकर प्राथमिक उपचार दे दिया गया है। जिन मरीजों की हालत गंभीर थी, उन्हें सीरम इंजेक्शन के लिए दिल्ली के अस्पताल रेफर किया गया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध रहती है।घायल पीड़ितों व उनके परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद आवारा कुत्तों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। गलियों व सड़कों पर कुत्तों के झुंड घूम रहे हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। पीड़ितों ने नगर व क्षेत्र से आवारा जानवरों पर जल्द नकेल कसने की मांग की है। पालिका लिपिक अशोक कुमार का कहना है कि प्रशासन को आवारा जानवरों पर नकेल करने के लिए अनुमति मांग रखी है अनुमति मिलते ही अभियान चलाकर बंदरों व आवारा कुत्तों को पकड़ा जाएगा।


