शामली
संदरनगर में गुरु गोबिंद सिंह का 358वां प्रकाश पर्व मनाया
चौथे दिन समागम का कथा-कीर्तन के साथ समापन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना। सिख धर्म के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह महाराज के 358वें प्रकाश पर्व का समापन मंगलवार को सुदरनगऱ के गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में बड़े श्रद्धा, सत्कार और हर्षाेल्लास के साथ हुआ। खालसा पंथ के सृजनहार और सरबंस दानी गुरु साहिब के इस पावन पर्व पर गुरुद्वारे में महान गुरमत समागम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने भाग लिया।
चौसाना के मजरा सुंदरनगर मे गुरू गोविंद सिंह के प्रकाश पर्व पर चार दिवसीय समागम का मंगलवार को समापन्न किया गया। इस दौरान गुरुद्वारा कमेंटी के प्रधान गुरूबाज सिंह ने बताया कि श्री अखंड पाठ साहिब जी के भोग डाले गए। इसके बाद कथा-कीर्तन दीवान सजा, जिसमें हजूरी रागी भाई गुलाब सिंह करनाल, हरि जस के कीर्तन से संगत को निहाल किया। प्रसिद्ध कविश्री जत्थे से लखविंद्र सिंह ने ढाढी वारों के माध्यम से गुरु गोबिंद सिंह के जीवन वृत्तांत और बलिदानों को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया। वहीं, कथावाचक मनजिंद्र सिंह अमृतसर ने गुरु इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला और संगत को गुरु साहिब की शिक्षाओं से अवगत कराया।
प्रधान गुरूबाज सिंह ने गुरु पर्व की बधाई देते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना कर समानता, साहस और न्याय की मिसाल कायम की। उन्होंने सभी संगतों और सेवादारों के सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे गुरमत समागम संगत में गुरु साहिब की शिक्षाओं को जीवंत रखते हैं और युवा पीढ़ी को सिख धर्म के मूल्यों से जोड़ते हैं। इस अवसर पर गुरुद्वारे में विशेष लंगर का आयोजन भी किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
समागम की व्यवस्थाओं में नवाब सिंह (चेयरमैन), ग्राम प्रधान सिमरन जीत, करनजीत सिंह, प्रधान सरबजीत हनी, अमरजीत, गुरमीत सहित बड़ी संख्या में महिलाएं,अमनदीप कौर, रमनजीत, देवेंद्र कौर, दलजीत, रणबीर, दमन, सिमरजीत कौर,और सैकड़ों बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया


