कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या से तनाव बरकरार
गांव सील, भारी पुलिस बल तैनात, सरकार ने दिए सख्त निर्देश

घटना के बाद पीड़ित परिवार में गहरा आक्रोश है। परिजन आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और अपहृत नाबालिग बेटी की सकुशल बरामदगी की मांग पर अड़े हुए हैं। उन्होंने मांगें पूरी होने तक मृतका का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। प्रशासनिक अधिकारी परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
मामले को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। सरधना विधायक अतुल प्रधान जब पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे तो पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें गांव के बाहर ही रोक दिया। इससे उनके समर्थकों में नाराजगी फैल गई और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इसके बाद विधायक ने मौके पर धरना देकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
वहीं आज़ाद अधिकार सेना ने घटना को लेकर कड़ा विरोध जताया है। संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री देवेंद्र सिंह राणा के निर्देश पर 10 जनवरी 2026 को माननीया राष्ट्रपति को संबोधित एक सामूहिक ज्ञापन जिलाधिकारी मेरठ के माध्यम से सौंपा जाएगा। संगठन ने अपहृत किशोरी की शीघ्र बरामदगी, दोषियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को मुआवजा व सुरक्षा तथा मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
इधर, जनपद के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश सरकार के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने विकास भवन सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि कपसाड़ की घटना को मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि डीएम और एसएसपी को जांच, आरोपितों की गिरफ्तारी और किशोरी की बरामदगी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरा भी जल्द पकड़ा जाएगा। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार को कानूनी और आर्थिक सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।


