शामली
आरटीआई में लापरवाही पड़ी भारी, कैराना तहसीलदार पर 25 हजार का दंड
-सूचना समय पर न देने पर राज्य सूचना आयोग ने वेतन से वसूली के दिए आदेश
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
कैराना। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी तय समय में उपलब्ध न कराने के मामले में राज्य सूचना आयोग, लखनऊ ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने कैराना तहसीलदार अर्जुन चौहान पर 25 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। साथ ही आदेश दिया गया है कि यह राशि उनके वेतन से काटकर वसूल की जाए।
यह मामला ग्राम पंचायत बधूपुरा में खसरा संख्या-91 स्थित तालाब पर कथित अवैध कब्जे से संबंधित है। इमरान नामक व्यक्ति ने 5 जनवरी 2024 को आरटीआई के माध्यम से तालाब से अतिक्रमण हटाने से जुड़े विभिन्न दस्तावेजों की जानकारी मांगी थी। इसमें अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ जारी आदेश, अतिक्रमण हटाने से पहले और बाद की तस्वीरें, अभियान से संबंधित रिपोर्ट, गणना विवरण, हर्जाना वसूली के मांग-पत्र तथा क्षतिपूर्ति से जुड़ी चालान और रसीदों की प्रमाणित प्रतियां शामिल थीं। आवेदन दिए जाने के बावजूद निर्धारित समयसीमा के भीतर कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद मामला राज्य सूचना आयोग तक पहुंचा। सुनवाई के दौरान आयोग ने तहसीलदार को दोषी माना और 6 जनवरी को उन पर अधिकतम 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। आयोग ने लेखाधिकारी एवं कोषाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि दंड की राशि तहसीलदार के वेतन से पांच समान मासिक किश्तों में वसूल की जाए। इस कार्रवाई के बाद संबंधित विभाग में हलचल मची हुई है।
राज्य सूचना आयोग का यह निर्णय आरटीआई अधिनियम के सख्त पालन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।


