गोड्डा

मनरेगा बचाओ महासंग्राम

गोड्डा में कांग्रेस का प्रतीकात्मक उपवास ,केंद्र सरकार के खिलाफ बुलंद हुई आवाज

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
अशोक स्तम्भ पर एकदिवसीय उपवास, मनरेगा को लेकर ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प
गोड्डा: जिला कांग्रेस कमेटी, गोड्डा के तत्वावधान में शुक्रवार को ‘राष्ट्रव्यापी मनरेगा बचाओ महासंग्राम’ के तहत एकदिवसीय प्रतीकात्मक उपवास का आयोजन किया गया। शहर के अशोक स्तम्भ परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष यहया सिद्दीकी ने की। उपवास के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए मनरेगा को कमजोर किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला पर्यवेक्षक श्यामल किशोर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष बिन्दु मंडल सहित कांग्रेस के सभी विंग के जिलाध्यक्ष, प्रखंड अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को मजबूती प्रदान की। सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष यहया सिद्दीकी ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण मजदूरों के लिए काम की कानूनी गारंटी और सम्मान का आधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सुनियोजित तरीके से मनरेगा को कमजोर करने का प्रयास कर रही है, जो सीधे तौर पर गांव, गरीब और मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को समय पर काम नहीं मिलना, मजदूरी भुगतान में देरी और पंचायतों के अधिकारों में कटौती गंभीर चिंता का विषय है। कांग्रेस पार्टी इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।
प्रमुख मांगें रखी गईं:
मनरेगा के तहत काम के कानूनी अधिकार को सुरक्षित रखा जाए। मजदूरों को समय पर पूरी मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाते हुए उनके अधिकार बहाल किए जाएं। मजदूर विरोधी VB-GRAM-G कानून को अविलंब वापस लिया जाए।
इस अवसर पर जिला पर्यवेक्षक श्यामल किशोर सिंह और पूर्व जिलाध्यक्ष बिन्दु मंडल ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि मनरेगा ही गांवों में रोजगार की रीढ़ है और इसे कमजोर करना गरीबों की आजीविका छीनने जैसा है। यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो कांग्रेस गांव-गांव तक आंदोलन तेज करेगी। उपवास के समापन पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी हुई, तो यह संघर्ष जन-आंदोलन का रूप लेगा। ‘संविधान बचाओ–मनरेगा बचाओ’ के नारे और राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button