शामली
प्रवेज हत्याकांड का तीसरा आरोपी 42 दिन बाद गिरफ्तार
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
कैराना। गांव भूरा-बराला के जंगल में करीब डेढ़ माह पूर्व मिले हरियाणा निवासी युवक परवेज का गोली लगा शव बरामद हुआ था। पुलिस ने हत्याकांड के तीसरे आरोपी को 42 दिन बाद गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।बताया गया है कि पकड़े गए आरोपी का नाम विवेचना के दौरान प्रकाश में आया था। इससे पहले पुलिस इस सनसनीखेज मामले में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
विदित रहे कि बीती तीन दिसंबर की सुबह गांव भूरा-बराला के जंगल में ग्राम कंडेला निवासी पवन शर्मा के ईंख के खेत से एक युवक का शव बरामद हुआ था। युवक के सीने में गोली लगी हुई थी। मौके से पुलिस ने 315 बोर का एक तमंचा और कुछ कागजात भी बरामद किए थे। तमंचा शव के पास पड़ा मिला था, जिसमें एक खोखा कारतूस फंसा हुआ था। प्रारंभ में इन परिस्थितियों के चलते पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही थी। बाद में मृतक की पहचान हरियाणा के जनपद पानीपत के थाना सनौली खुर्द क्षेत्र के गांव राणा माजरा निवासी परवेज के रूप में हुई। मृतक के भाई अरमान ने कोतवाली कैराना में तहरीर देकर पड़ोसी गांव गढ़ीबेसक निवासी आसिफ, शोएब और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शामली नरेंद्र प्रताप सिंह ने घटना के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में बुधवार को एसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत विवेचना कर रहे कोतवाली प्रभारी निरीक्षक समयपाल अत्री ने तीसरे आरोपी शाहरुख उर्फ शारुख निवासी ग्राम गढ़ीबेसक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि मृतक परवेज और आरोपी करनाल जिले के घरौंडा क्षेत्र में हुई एक लूट की घटना में साथ शामिल थे। लूट के बाद रुपये के बंटवारे को लेकर उनके बीच विवाद हो गया था। इसी विवाद के चलते आरोपियों ने परवेज को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पुलिस पहले ही नामजद आरोपी आसिफ और शोएब को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी गहन जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


