मकर संक्रांति के बाद यूपी मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से लगातार मंत्रियों की मुलाकातें, संगठन-सरकार समन्वय पर मंथन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लखनऊ – उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति (14-15 जनवरी) के बाद योगी सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राज्य बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी से योगी कैबिनेट के कई मंत्रियों की लगातार आमने-सामने मुलाकातें हो रही हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है।
ये मुलाकातें मुख्य रूप से लखनऊ के नैमिषारण्य गेस्ट हाउस में हो रही हैं। मंत्रियों ने प्रदेश अध्यक्ष को अपने-अपने विभागों में चल रहे विकास कार्यों, उपलब्धियों और चुनौतियों की विस्तृत जानकारी दी है। सूत्रों के मुताबिक ये बैठकें केवल रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल, प्रदर्शन मूल्यांकन और भविष्य की रणनीति पर भी गहन मंथन हो रहा है।
हाल की प्रमुख मुलाकातें:राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल – लघु उद्योग, निर्यात प्रोत्साहन और एमएसएमई से जुड़े कार्यों पर चर्चा। राज्य मंत्री संदीप सिंह – खेल एवं युवा कल्याण विभाग की प्रगति और आगामी योजनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट। मंत्री असीम अरुण – सामाजिक न्याय एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के कार्यों की जानकारी। कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान – पशुपालन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य विभाग की उपलब्धियां और चुनौतियां साझा कीं। ये मुलाकातें पंकज चौधरी के हाल के जिला दौरों के बाद और तेज हुई हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने पिछले कुछ महीनों में कई जिलों का दौरा कर संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जन-भावनाओं का जायजा लिया था। अब मंत्रियों के साथ इन बैठकों को उसी क्रम की अगली कड़ी माना जा रहा है।
फेरबदल की अटकलें क्यों तेज हुईं? मकर संक्रांति के बाद जनवरी-फरवरी का समय अक्सर मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल के लिए चुना जाता रहा है।कई मंत्रियों के प्रदर्शन, विभागीय प्रगति और संगठन से तालमेल को लेकर मूल्यांकन चल रहा है। कुछ विभागों में कार्यक्षमता बढ़ाने और नए चेहरे लाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हो रही है। सूत्रों का कहना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सरकार और संगठन के बीच तालमेल को और मजबूत करने के लिए संतुलित फेरबदल संभव है।
हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन नैमिषारण्य गेस्ट हाउस में हो रही ये मुलाकातें और प्रदेश अध्यक्ष का सक्रिय रुख स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि योगी सरकार में जल्द ही कोई बड़ा प्रशासनिक-राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। वर्तमान में योगी मंत्रिमंडल में कुल 53 मंत्री हैं, जिनमें 25 कैबिनेट मंत्री, 8 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 20 राज्य मंत्री शामिल हैं। किसी भी फेरबदल में नए चेहरों को जगह देने के साथ कुछ विभागों का पुनर्गठन भी संभव माना जा रहा है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह दौर योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के अंतिम दो वर्षों में प्रदर्शन को चरम पर ले जाने और 2027 चुनाव की तैयारियों का हिस्सा है।




