लखनऊ

उत्तर प्रदेश पुलिस में अनुकम्पा स्थानांतरण पर सख्त नियम

DGP मुख्यालय से जारी महत्वपूर्ण आदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो 

लखनऊ : 19 जनवरी 2026 उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग ने अनुकम्पा आधार पर स्थानांतरण (Compassionate Grounds Transfer) की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं नियंत्रित बनाने के लिए महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। पुलिस महानिदेशक कार्यालय द्वारा जारी आदेश संख्या डीजीपी-चार-स्था-निर्देश/2026/272 (दिनांक 19 जनवरी 2026) में इन बदलावों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है, जो मुख्य रूप से उप-निरीक्षक (SI) एवं आरक्षी (Constable) स्तर के पुलिसकर्मियों पर लागू होंगे।

आदेश के अनुसार, 2019 बैच तक भर्ती हुए उप-निरीक्षक एवं आरक्षी के सामान्य अनुकम्पा मामलों (जैसे स्वास्थ्य, पारिवारिक समस्या आदि) में स्थानांतरण पर विचार किया जाएगा। हालांकि, 2019 के बाद भर्ती हुए SI एवं Constable के लिए अनुकम्पा आधार पर स्थानांतरण केवल तभी संभव होगा, जब पति एवं पत्नी दोनों उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में नियुक्त हों। अन्य किसी भी आधार पर ऐसे तबादलों पर विचार नहीं किया जाएगा।

अन्य प्रमुख प्रावधान:
किसी भी निरीक्षक या उप-निरीक्षक को उनके गृह परिक्षेत्र, गृह जनपद या सीमावर्ती जनपद में तैनात नहीं किया जाएगा। यह नियम भ्रष्टाचार एवं पक्षपात रोकने के लिए पहले से लागू पुरानी नीतियों (1986 एवं 2017) के अनुरूप सख्ती से लागू रहेगा।
पति-पत्नी आधारित अनुकम्पा स्थानांतरण (कपल केस) में दोनों के पुलिस परिचय पत्र (ID कार्ड) की स्पष्ट एवं पठनीय फोटोकॉपी संलग्न करना अनिवार्य होगा। 2019 के बाद भर्ती SI/Constable को सामान्यतः मुख्यालय में व्यक्तिगत उपस्थिति की अनुमति नहीं दी जाएगी, सिवाय कपल केस के।

अनुकम्पा स्थानांतरण के लिए आवेदक को मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। साथ ही, पूर्ण एवं अद्यतन सेवा विवरण (Service Record) संलग्न करना अनिवार्य है, जिसमें निलंबन, न्यायिक कार्यवाही, वर्तमान तैनाती का आधार, आदेश संख्या एवं दिनांक आदि का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।

विभाग ने नोट किया है कि कई पुलिसकर्मी बिना आवश्यक अनुमति एवं पूर्ण दस्तावेजों के मुख्यालय पहुंच रहे हैं, जिससे प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब हो रहा है। इन निर्देशों का उद्देश्य ऐसी स्थितियों को रोकना एवं स्थानांतरण प्रक्रिया को तेज एवं निष्पक्ष बनाना है। यह आदेश विभागीय पारदर्शिता बढ़ाने एवं अनियमितताओं पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विस्तृत जानकारी एवं आधिकारिक दस्तावेज के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की वेबसाइट (uppolice.gov.in) पर “स्थानांतरण/प्रोन्नति आदेश” या “विभागीय सर्कुलर” सेक्शन देखें।

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