बालाघाट
एंटी इवेजन ब्यूरो की टीम ने दो फर्मो पर की दबिश खंगाले दस्तावेज
मीडिया से अधिकारियों ने बनाई दूरी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : जबलपुर एंटी इवेजन ब्यूरो की दो टीमों ने गुरूवार की देर रात, शहर के दो कंस्ट्रक्शन फर्म हर्ष और वैनगंगा के कार्यालय में दबिश दी। हर्ष कंस्ट्रक्शन पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे से जुड़ी बताई जा रही है, जबकि वैनगंगा कंस्ट्रक्शन के पार्टनरशीप में होने की चर्चा है, जिससे जुड़े ठेकेदार के यहां, पहले टीम पहुंची थी लेकिन फिर वह कार्यालय में जांच के लिए पहुंची। दो अलग-अलग टीमों का प्रतिनिधित्व जबलपुर एंटी इवेजन ब्यूरो से पहुंचे कर अधिकारी रविन्द्र सनोडिया और ब्रजेन्द्रसिंह कर रहे है। हालांकि जांच अभी भी जारी है और जांच टीम ने मीडिया से दूरियां बनाई हुई है। जांच टीम के अधिकारियो ने अनौपचारिक चर्चा में बताया कि जीएसटी के संबंध में दस्तावेजो की जांच की जा रही है, जो अभी भी जारी है, इस मामले में जो भी जानकारी दी जाएगी। वह वरिष्ठ अधिकारियों से मिलेगी।
दरअसल, जांच टीमों का उन दो जगह पर दबिश देकर जांच करने का मामला, सत्ताधारी सरकार से नेताओं से जुड़ा होने के कारण, इसको लेकर लोगों में दिलचस्पी ज्यादा है। दरअसल, पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे, वर्तमान में भाजपा के जिलाध्यक्ष भी है। जिससे उनसे जुड़ी कंस्ट्रक्शन फर्म पर जीएसटी की जांच के बाद राजनीतिक हल्के में चर्चाएं गर्म है। अधिकारी केवल जांच जारी होने की बात बता रहे है लेकिन जांच में कितना टैक्स चोरी का मामला सामने आया है, यह अभी साफ नहीं हो सका है।
जानकार बताते है कि एंटी इवेजन ब्यूरो, जब ही दबिश देती है, जब मामला टैक्स चोरी से जुड़ा हो। फिलहाल फिलहाल दोनो ही जगह अलग-अलग टीमों की जांच कार्यवाही जारी है, जिसमें तकरीबन एक दर्जन से ज्यादा अधिकारी कर्मचारी जांच कर रहे है। पूर्व मंत्री और वर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे के बड़े भाई कुमार कावरे के हर्ष कंस्ट्रक्शन में जबलपुर एंटी इवेजन ब्यूरो की छापामार कार्यवाही के बाद खड़े हो रहे सवाल पर पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे ने बताया कि पूरा कंस्ट्रक्शन का काम बड़े भाई संभालते है, जो काम हो रहा है वह नियमानुसार हो रही है, टीम रूटिन की तरह जांच कर रही है, जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।




