सिंगरौली

बांस और बल्लियों के सहारे टिका है जिला सहकारी बैंक देवसर के भवन का छत दीवारें भी जर्जर

कभी भी गिर सकता है भवन 

हर समय भयभीत रहते हैं बैंककर्मी, उपभोक्ता भी असुरक्षित
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली : जिला सहकारी बैंक देवसर शाखा का भवन इन दिनों इतना ज्यादा जर्जर हो चुका है कि प्रदेश में शायद इतना जर्जर भवन और कहीं होगा स्थिति यह है कि भवन कभी भी गिर सकता है क्योंकि छत बांस और बल्लियों के सहारे टिका हुआ है और उसी छत के नीचे बैंक कर्मी रहते हैं ऐसे में हर समय बैंक कर्मियों का भयभीत रहना स्वाभाविक है, इस भवन के जर्जर होने के बाद जीर्णोद्धार या फिर से नया भवन बनाने को लेकर स्थानीय प्रशासन उदासीन है ऐसे में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं माना जा रहा है कि सिंगरौली जिले में तमाम डीएमएफ सहित अन्य मद है यहां का पैसा दूसरे जिले में जा रहा है लेकिन इस जिले के अत्यंत जरूरी काम अधर में पड़े हुए हैं
70 साल पुराना है भवन
कार्य योजना शाखा प्रबंधक पुष्पराज सिंह के अनुसार वर्ष 1956 में निर्मित यह भवन अब करीब 70 साल पुराना हो चुका है जो अब पूरी तरह से जर्जर हो चुका है छत को बांस-बल्ली के सहारे किसी तरह थाम कर रखा गया है, जबकि दीवारों में कई जगह बड़ी-बड़ी दरारें हैं।
स्थानीय लोगों और बैंक में आने वाले उपभोक्ताओं का कहना है कि भवन की जर्जर स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। बारिश के मौसम में छत से पानी टपकने और प्लास्टर गिरने की घटनाएं आम हो गई हैं, जिससे कर्मचारियों और ग्राहक हमेशा असुरक्षित रहते हैं
बैंक कर्मियों के साथ उपभोक्ता भी असुरक्षित
बैंक परिसर में रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण खाताधारक लेन-देन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इतने खस्ताहाल भवन में काम करना न केवल असुविधाजनक है, बल्कि जान जोखिम में डालने जैसा भी है। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार संबंधित विभागों को भवन की मरम्मत या नए भवन के निर्माण को लेकर अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई
तत्काल गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता
माना जा रहा है कि इस जर्जर भवन में बैंक संचालन करना किसी जोखिम से कम नहीं रह गया है किसी भी समय यह भवन धराशाई हो सकता है कोई अप्रिय घटना घटे इसके पूर्व या तो दूसरा भवन किराए से लेकर बैंक संचालित करना चाहिए या फिर अति शीघ्र भवन का जीर्णोद्धार या दूसरा भवन बनाना चाहिए
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