शामली
साइबर ठगी गिरोह से जुड़े दंपति गिरफ्तार, 98 लाख रुपए की रकम होल्ड
-1.77 करोड़ रुपए की कर चुके धोखाधड़ी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
शामली। साइबर थाना पुलिस व साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह से जुड़े दो अभियुक्त दंपत्ति को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त दंपत्ति पर करीब 98 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी में की रकम को पुलिस ने होल्ड कराया है, जबकि अब तक करीब 1.77 करोड़ से अधिक की धोखाधडी की गई है।
बुधवार को एसपी एनपी सिंह ने पुलिस लाईन में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि गत दिवस लखनऊ से एक एक खाते की जांच साईबर सैल को भेजी, जिसमें एक खाता शामली में खुलवाया गया था। उक्त खाते में विभिन्न राज्यों से आई रकम को कई खातों में ट्रांसफर किया गया। जांच के बाद दो अभियुक्त दंपत्ति पकडे गए। पकडे गए अभियुक्त व्हाट्सएप व टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट के नाम पर लोगों को झांसे में लेते थे। फर्जी एप व लिंक भेजकर निवेश की गई रकम को अधिक मुनाफे के साथ दर्शाया जाता था और फिर लोगों की मेहनत की कमाई म्यूल खातों में मंगाकर हड़प ली जाती थी। इस मामले में गिरफ्तार अभियुक्तों प्रशान्त कनव पुत्र जनक राज तिवारी, निवासी बल्लभ भाई पटेल नगर, आजाद नगर, मुंबई तथा सुरभि भार्गव पुत्री अनिल कुमार भार्गव निवासी गली नंबर-2, गगन विहार शामली हैं। पुलिस ने बताया कि अभियुक्त हिमांक प्रशान्त कनव मूल रूप से पंजाब का निवासी है, जो मुंबई में एडवर्टाइजमेंट कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में कार्य करता था। फिल्म प्रोजेक्ट के नाम पर हुई पहचान के दौरान उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से पंजाब नेशनल बैंक, पालिका बाजार शामली में हिमांक प्रशान्त कैमेक्ट नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के नाम से करंट अकाउंट खुलवाया। इस खाते में 8 अप्रैल 2024 को एक ही दिन में 98,38,276.10 रुपये की साइबर ठगी की धनराशि क्रेडिट होने की पुष्टि हुई है, जिसका कमीशन अभियुक्तों को मिला। पुलिस जांच में सामने आया है कि उक्त खाते से जुड़े साइबर फ्रॉड के संबंध में देशभर से अब तक कुल 41 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें लगभग 1 करोड़ 77 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की गई है। एसपी ने बताया कि साइबर थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ की जा रही है तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
बुधवार को एसपी एनपी सिंह ने पुलिस लाईन में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि गत दिवस लखनऊ से एक एक खाते की जांच साईबर सैल को भेजी, जिसमें एक खाता शामली में खुलवाया गया था। उक्त खाते में विभिन्न राज्यों से आई रकम को कई खातों में ट्रांसफर किया गया। जांच के बाद दो अभियुक्त दंपत्ति पकडे गए। पकडे गए अभियुक्त व्हाट्सएप व टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट के नाम पर लोगों को झांसे में लेते थे। फर्जी एप व लिंक भेजकर निवेश की गई रकम को अधिक मुनाफे के साथ दर्शाया जाता था और फिर लोगों की मेहनत की कमाई म्यूल खातों में मंगाकर हड़प ली जाती थी। इस मामले में गिरफ्तार अभियुक्तों प्रशान्त कनव पुत्र जनक राज तिवारी, निवासी बल्लभ भाई पटेल नगर, आजाद नगर, मुंबई तथा सुरभि भार्गव पुत्री अनिल कुमार भार्गव निवासी गली नंबर-2, गगन विहार शामली हैं। पुलिस ने बताया कि अभियुक्त हिमांक प्रशान्त कनव मूल रूप से पंजाब का निवासी है, जो मुंबई में एडवर्टाइजमेंट कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में कार्य करता था। फिल्म प्रोजेक्ट के नाम पर हुई पहचान के दौरान उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से पंजाब नेशनल बैंक, पालिका बाजार शामली में हिमांक प्रशान्त कैमेक्ट नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के नाम से करंट अकाउंट खुलवाया। इस खाते में 8 अप्रैल 2024 को एक ही दिन में 98,38,276.10 रुपये की साइबर ठगी की धनराशि क्रेडिट होने की पुष्टि हुई है, जिसका कमीशन अभियुक्तों को मिला। पुलिस जांच में सामने आया है कि उक्त खाते से जुड़े साइबर फ्रॉड के संबंध में देशभर से अब तक कुल 41 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें लगभग 1 करोड़ 77 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की गई है। एसपी ने बताया कि साइबर थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ की जा रही है तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।


