नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
नई दिल्ली/गाजियाबाद। गाजियाबाद के पचायरा गांव क्षेत्र में यमुना नदी की धारा मोड़कर रात्रि के समय किए जा रहे अवैध रेत खनन के गंभीर आरोपों पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने संज्ञान लिया है। ट्रिब्यूनल ने खनन विभाग और पुलिस अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 29 जनवरी 2026 तय की है।
सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता ने NGT को दी गई याचिका में बताया कि 2 जनवरी 2026 की रात लगभग 9:30 बजे पट्टे के निर्धारित कार्यक्षेत्र से बाहर यमुना नदी की मुख्य धारा को मोड़कर भारी उत्खनन मशीनों के माध्यम से लगभग 8 मीटर गहराई तक अवैध रेत खनन किया जा रहा था।
शिकायतकर्ता व ग्रामीणों ने इस अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस (112), जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय गाजियाबाद तथा जिला खनन अधिकारी को दी, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
इसके बाद 5 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ता ने जिला मजिस्ट्रेट गाजियाबाद, प्रधानमंत्री कार्यालय, उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, भूविज्ञान एवं खनन निदेशक सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि GRAP-II (16 जनवरी 2026) और GRAP-I (17 जनवरी 2026) लागू होने के बावजूद अवैध खनन जारी रहा। इसके समर्थन में शिकायतकर्ता द्वारा 18 जनवरी 2026 की तस्वीरें साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की गईं।
मामले की सुनवाई के दौरान NGT ने सभी प्रतिवादियों को निर्देश दिया है कि वे 28 जनवरी 2026 तक अपने जवाब दाखिल करें। साथ ही, गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त को पुलिस को दी गई सूचनाओं पर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। रिपोर्ट दाखिल न होने की स्थिति में पुलिस आयुक्त को व्यक्तिगत या वर्चुअल रूप से ट्रिब्यूनल के समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देना होगा।
इसके अतिरिक्त, जिला खनन अधिकारी गाजियाबाद को हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं कि क्या उन्हें 2 जनवरी, 18 जनवरी 2026 अथवा अन्य तिथियों पर GRAP प्रतिबंधों के उल्लंघन में अवैध खनन की सूचना मिली थी और उस पर क्या कार्रवाई की गई।
यमुना नदी के प्राकृतिक प्रवाह और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा होने के कारण यह मामला अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिकायत के बाद से रेत खनन को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है और पुलिस व खनन विभाग हरकत में आ गया है। इस मामले में कोर्ट ने
अगली सुनवाई: 29 जनवरी निर्धारित की है
