ललितपुर

असंगठित श्रमिकों के भविष्य को सुरक्षित करने की पहल

नई बस्ती गांधीनगर में श्रम योगी मानधन व ई-श्रम योजना का व्यापक प्रचार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। असंगठित कामगार मजदूर यूनियन संघ के अध्यक्ष अमित प्रजापति के नेतृत्व में नई बस्ती गांधीनगर क्षेत्र में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को केंद्र सरकार की श्रम कल्याणकारी योजनाओं से जोडऩे के उद्देश्य से जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस दौरान यूनियन पदाधिकारियों ने गल्ला मंडी के पास मोटर साइकिल मिस्त्रियों की साइट पर पहुंचकर श्रमिकों से सीधा संवाद किया और उन्हें ई-श्रम कार्ड एवं प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया। यूनियन अध्यक्ष अमित प्रजापति ने बताया कि असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के लिए ई-श्रम कार्ड एक पहचान पत्र के रूप में कार्य करता है, जिसके माध्यम से श्रमिक विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना श्रमिकों के बुढ़ापे को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर लाभार्थी को तीन हजार रुपये की सुनिश्चित मासिक पेंशन प्रदान की जाती है। श्रमिकों को योजना से जुड़ी पात्रता शर्तों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि इस योजना का लाभ 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के वे श्रमिक उठा सकते हैं, जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। योजना के अंतर्गत श्रमिक को आयु के अनुसार प्रतिमाह अंशदान करना होता है, जिसमें केंद्र सरकार समान राशि का योगदान देती है। यह पूरी प्रक्रिया ई-श्रम कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खाते के माध्यम से की जाती है। यूनियन पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि यह योजना केवल मजदूरों के लिए ही नहीं, बल्कि मोटरसाइकिल मिस्त्री, रेहड़ी-पटरी लगाने वाले, दुकानदार, छोटे व्यापारी, ठेले वाले, कारीगर और अन्य असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। मौके पर मौजूद श्रमिकों ने योजना की जानकारी को उपयोगी बताते हुए इससे जुडऩे में रुचि दिखाई। इस जन-जागरूकता अभियान के दौरान यूनियन के कई पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें अध्यक्ष अमित प्रजापति, महामंत्री महेंद्र झा, उपाध्यक्ष देवेंद्र साहू, संयुक्त मंत्री नारायण कुशवाहा, सदस्य विवेक प्रजापति, प्रमोद कुमार, कोषाध्यक्ष महेंद्र झा सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को संगठित कर उन्हें उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं से जोडऩे का संकल्प दोहराया। यूनियन नेतृत्व ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि कोई भी श्रमिक सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे और हर कामगार का भविष्य सुरक्षित हो सकें।
क्या है प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना केन्द्र सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए चलाई जा रही एक पेंशन योजना है। इस योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के श्रमिक अपनी आयु के अनुसार प्रतिमाह अंशदान करते हैं, जिसमें केन्द्र सरकार समान राशि का योगदान देती है। 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर लाभार्थी को तीन हजार रुपये प्रतिमाह की सुनिश्चित पेंशन प्रदान की जाती है, जिससे असंगठित श्रमिकों का बुढ़ापा सुरक्षित हो सकें।
ई-श्रम कार्ड क्यों है जरूरी
ई-श्रम कार्ड असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की पहचान का एक राष्ट्रीय दस्तावेज है। इसके माध्यम से श्रमिकों का पंजीकरण केन्द्र सरकार के डेटाबेस में होता है, जिससे भविष्य में मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सीधा लाभ श्रमिकों तक पहुंच सके। ई-श्रम कार्ड होने से श्रमिक सरकारी सहायता, बीमा और पेंशन जैसी योजनाओं से आसानी से जुड़ सकते हैं।
श्रमिकों में दिखा उत्साह
गल्ला मंडी क्षेत्र में मोटर साइकिल मिस्त्रियों और अन्य श्रमिकों को जब योजना की जानकारी दी गई, तो उन्होंने इसे अपने भविष्य के लिए उपयोगी बताया। कई श्रमिकों ने मौके पर ही ई-श्रम कार्ड बनवाने और श्रम योगी मानधन योजना से जुडऩे की इच्छा जाहिर की। यूनियन के इस प्रयास की श्रमिकों ने सराहना करते हुए इसे जनहित में एक सराहनीय कदम बताया।
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