पहली बार प्रकाशित हुआ एमएससी छात्रों का शोध पत्र
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
शामली। मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय (एमएसयू) से संबद्ध आरके पीजी कॉलेज शामली के भौतिकी विभाग में अध्ययनरत एमएससी छात्रों का शोध पत्र पहली बार किसी अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुआ है। यह विश्वविद्यालय की परास्नातक कक्षाओं में प्रकाशित प्रथम अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्र है।
भौतिकी विभाग के डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि एमएससी भौतिकी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र-छात्राएं ज्योति जयंत एवं छवि भारद्वाज ने उच्च गुणवत्ता का शोध पत्र विश्व प्रसिद्ध प्रकाशक एल्सेवियर के नेक्स्ट रिसर्च जर्नल में प्रकाशित कराया है। यह उपलब्धि न केवल आरके कॉलेज बल्कि मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय एवं इसके समस्त संबद्ध महाविद्यालयों के लिए गौरव का विषय है। जनवरी 2026 में प्रकाशित यह शोध पत्र नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुभव आधारित अधिगम के उद्देश्य को भी साकार करता है। विश्वविद्यालय से संबद्ध किसी महाविद्यालय में यह पहला अवसर है, जब एमएससी स्तर के छात्रों ने अपने रिसर्च प्रोजेक्ट के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय स्तर का शोध पत्र सफलतापूर्वक प्रकाशित कराया है। छात्रों द्वारा प्रस्तुत शोध में सिमुलेशन एंड मॉडलिंग मेथड को नैनोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रभावी ढंग से समझाया गया है। इस पद्धति के माध्यम से विश्व के अद्भुत पदार्थ कार्बन नैनोट्यूब्स के यांत्रिक गुणों-जैसे यंग मापांक एवं शियर प्रत्यास्थता गुणांक को सरलता से ज्ञात किया जा सकता है। शोध के अनुसार कार्बन नैनोट्यूब्स स्टील की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक कठोर और सौ गुना से भी अधिक मजबूत हो सकते हैं। डॉ. संजीव कुमार नैनोटेक्नोलॉजी के प्रतिष्ठित शोधकर्ता हैं। वे वर्ष 2010 से इस क्षेत्र में शोध कर रहे हैं और उनके शोध पत्र एल्सेवियर, आरएससी, स्प्रिंगर नेचर एवं वाइली जैसे विश्व प्रसिद्ध प्रकाशनों में प्रकाशित हो चुके हैं, जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सराहना एवं संदर्भ (साइटेशन) प्राप्त हुआ है। वर्तमान में वे नैनो फाइबर, नैनो फॉस्फर, कार्बन नैनोट्यूब, डीएफटी, सिमुलेशन एवं मॉडलिंग जैसे विषयों पर शोध कार्य कर रहे हैं।


