ललितपुर
सुधा बिहार कॉलोनी पर विवादों की परतें खुलीं
नाले से लेकर ग्राम सभा की जमीन तक, अब कोर्ट ने लगाया यथास्थिति का स्टे
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। शहर से सटी पनारी रजवारा की चर्चित सुधा बिहार कॉलोनी एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में है। कभी प्राकृतिक नाले के स्वरूप से छेड़छाड़, तो कभी ग्राम सभा की भूमि पर अवैध कब्जे के आरोप, यह कॉलोनी लगातार प्रशासन और कानून के रडार पर बनी हुई है। स्थानीय शिकायतों के बाद प्रशासन ने जांच कर यह पाया कि कॉलोनी का एक बड़ा हिस्सा सरकारी एवं ग्राम सभा की भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रशासन द्वारा मौके पर सरकारी जमीन होने के चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए थे, जिससे कॉलोनी के वैध होने पर सवाल और गहरे हो गए। मामला यहीं नहीं रुका, आरोप है कि ग्राम सभा की जमीन में बोरिंग कर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। इस गंभीर आरोप के बाद संबंधित विभाग ने सुधाविहार कॉलोनी प्रबंधन को औपचारिक नोटिस जारी किया और जवाब तलब किया। इसी बीच मामला सिविल कोर्ट तक पहुंच गया, जहां सुनवाई के बाद न्यायालय ने पूरी विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश देते हुए किसी भी प्रकार के निर्माण, कब्जे या उपयोग पर स्टे लगा दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद जहां एक ओर प्लाट खरीदने वालों में अनिश्चितता का माहौल है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं कि यदि भूमि शुरू से ही विवादित थी तो कार्यवाही होने में इतना समय क्यों लगा। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सुधाविहार कॉलोनी अवैध रूप से विकसित की जा रही थी? नाले के स्वरूप में बदलाव की अनुमति किसने दी? ग्राम सभा की जमीन पर व्यावसायिक गतिविधियां किसके संरक्षण में चलीं? फिलहाल सिविल कोर्ट के स्टे के बाद गेंद प्रशासन और न्याय व्यवस्था के पाले में है। आने वाले दिनों में यह मामला बड़े खुलासों और कार्रवाई की ओर बढ़ सकता है।
