बरेली

सभी हाईवे से जोड़ा जाएगा आउटर रिंग रोड, विकास को मिलेगी रफ्तार

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली में झुमका तिराहा-रजऊ परसपुर रिंग रोड, बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे चौड़ीकरण, देवचरा-भमोरा बाइपास परियोजनाओं पर तेजी से चल रहे काम के बीच भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय आउटर रिंग रोड परियोजना का खाका खींच लिया है। इस पर काम भी जल्द शुरू हो जाएगा। यह रोड जिले से गुजरने वाले सभी नेशनल और स्टेट हाईवे के साथ जिला स्तरीय मार्गों को भी कनेक्ट करेगा।
बरेली-मुरादाबाद और बरेली-सीतापुर नेशनल हाईवे को सिक्सलेन में तब्दील करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे भी बरेली होते हुए गुजरेगा। इसके लिए सर्वे हो चुका है। जल्द ही भूमि अधिग्रहण शुरू कर दिया जाएगा। बरेली में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए नवदिया झादा सिक्सलेन फ्लाइओवर का निर्माण अंतिम चरण में है। यह फ्लाइओवर सिक्सलेन कनेक्टिविटी को ध्यान में रखकर ही डिजाइन किया गया है। एनएचएआई ने बरेली-सीतापुर हाईवे को सिक्सलेन करने के लिए 12 स्थानों पर अंडरपास और फ्लाइओवर का काम निर्माण शुरू हो गया है।
आउटर रिंग रोड परियोजना का काम पूरा होने के बाद बरेली समेत पड़ोसी जिलों में भी सड़क नेटवर्क सुदृढ़ हो जाएगा। इससे बरेली-मथुरा, बरेली-दिल्ली, बरेली-लखनऊ, बरेली-पीलीभीत-सीतारगंज, बरेली-नैनीताल हाईवे समेत बरेली-आंवला-रामनगर, बरेली-दातागंज-पुवायां नेशनल और स्टेट हाईवे कनेक्ट किए जाएंगे। आउटर रिंग रोड का काम पूरा होने के बाद बरेली को बेहतर सड़क कनेक्टविटी मिलेगी। इससे विकास का पहिया भी घूमेगा।
डेलापीर-एयरपोर्ट, पीलीभीत रोड-एयरपोर्ट मार्ग बनेंगे सिक्सलेन
डेलापीर-एयरपोर्ट, पीलीभीत रोड-एयरपोर्ट मार्ग को भी सिक्सलेन किया जाएगा। इससे यातायात और सुगम हो जाएगा। इन दोनों परियोजनाओं पर भी जल्द काम शुरू हो जाएगा। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि सभी परियोजनाओं पर 2028 तक काम पूरा कर लिया जाएगा। बरेली-मथुरा हाईवे, देवचरा-भमोरा बाइपास और झुमका-रजऊ परसपुर रिंग रोड का काम 2027 के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
महेशपुंरा क्रॉसिंग पर बनेगा फ्लाईओवर
लाल फाटक रेलवे क्रॉसिंग पर फोरलेन प्लाईओवर का निर्माण पहले ही हो चुका है। महेशपुरा रेलवे क्रॉसिंग पर भी फ्लाईओवर बनाया जाएगा। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय आउटर रिंग रोड परियोजना को इस तरह से डिजाइन किया गया है, ताकि बरेली से होकर गुजरने वाले वाहन बाइपास गुजर जाएं और बेहतर रफ्तार व सड़क कनेक्टविटी बनी रहे। इस परियोजना में झुमका-रजऊ परसपुर के बीच बन रहा 29.29 किलोमीटर का बाइपास भी शामिल है।
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