बागपत
33 वर्षों की सेवा, विश्वास और चिकित्सा का नाम – डॉ. मनीष तोमर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बड़ौत/बागपत : चिकित्सा केवल पेशा नहीं, सेवा और समर्पण का दूसरा नाम है—और इस कथन को यदि किसी ने अपने जीवन से सिद्ध किया है, तो वे हैं डॉ. मनीष तोमर। पिछले 33 वर्षों से बड़ौत नगर और आसपास के क्षेत्र में निरंतर चिकित्सा सेवा दे रहे डॉ. तोमर आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।
प्रश्न 1: डॉ. साहब, आपकी चिकित्सा यात्रा की शुरुआत कैसे हुई?
डॉ. मनीष तोमर:
मेरी सेवा की शुरुआत 1992 में बड़ौत की नई मंडी स्थित एक छोटे से स्थान से हुई थी। उस समय संसाधन सीमित थे, लेकिन मन में एक ही लक्ष्य था—ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्र के लोगों को बेहतर इलाज देना, ताकि उन्हें छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी बड़े शहरों की ओर न दौड़ना पड़े।
प्रश्न 2: मेडिसिटी हॉस्पिटल की स्थापना का विचार कैसे आया?
डॉ. तोमर:
समय के साथ यह महसूस हुआ कि मरीजों की संख्या बढ़ रही है और आधुनिक इलाज के लिए बेहतर सुविधाओं की आवश्यकता है। इसी सोच से बड़ौत के कोताना रोड पर करीब 120 बेड का “मेडिसिटी हॉस्पिटल” स्थापित किया गया। उद्देश्य था—एक ही छत के नीचे हर बीमारी का समुचित इलाज।
प्रश्न 3: मेडिसिटी हॉस्पिटल की सबसे बड़ी खासियत क्या है?
डॉ. तोमर:
यहाँ छोटी से छोटी बीमारी से लेकर गंभीर रोगों और कैंसर तक का सफल इलाज किया जाता है।
आधुनिक मशीनें
लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की उन्नत तकनीक
ICU, ट्रॉमा केयर, इमरजेंसी सेवाएं
अनुभवी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम
आज हमारे हॉस्पिटल में दर्जनों डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं, जिनमें कई विशेषज्ञ दिल्ली जैसे बड़े शहरों से बुलाए गए हैं।
प्रश्न 4: इतने वर्षों में सबसे संतोषजनक अनुभव क्या रहा?
डॉ. तोमर:
सबसे बड़ा संतोष तब मिलता है जब कोई गंभीर मरीज ठीक होकर मुस्कुराता हुआ घर लौटता है। कई ऐसे मामले रहे हैं, जिन्हें लोग “चमत्कार” कहते हैं, लेकिन मेरे लिए वह ईमानदार प्रयास, टीमवर्क और ईश्वर की कृपा का परिणाम है।
प्रश्न 5: भविष्य की क्या योजनाएं हैं?
डॉ. तोमर:
हम चाहते हैं कि मेडिसिटी हॉस्पिटल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक आदर्श चिकित्सा केंद्र बनाया जाए, जहाँ आम आदमी को सस्ती, भरोसेमंद और आधुनिक चिकित्सा सुविधा मिल सके। इसके लिए नई तकनीक और विशेषज्ञ सेवाओं को लगातार जोड़ा जा रहा है।
प्रश्न 6: समाज के लिए आपका संदेश?
डॉ. तोमर:
स्वास्थ्य से बड़ा कोई धन नहीं। समय पर जांच कराएं, डॉक्टर से खुलकर बात करें और झोलाछाप इलाज से बचें। हमारा प्रयास है कि लोग स्वस्थ रहें—यही मेरी 33 वर्षों की सेवा का सार है।
(सुरेंद्र मलानिया):
डॉ. मनीष तोमर केवल एक सर्जन नहीं, बल्कि बड़ौत और बागपत क्षेत्र के लिए चिकित्सा में भरोसे का नाम हैं। 1992 से शुरू हुई उनकी यात्रा आज मेडिसिटी हॉस्पिटल के रूप में हजारों परिवारों के लिए जीवन रेखा बन चुकी है।



