शामली

दारूल उलूम हुसैनिया में सालाना जलसा आयोजित, चार बच्चों की हुई दस्तारबंदी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
कांधला। कस्बे में स्थित मदरसा दारूल उलूम हुसैनिया गढ़ी मियाँ में सोमवार को सालाना जलसे का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर चार होनहार बच्चों की दस्तारबंदी की रस्म अदा की गई। जलसे में सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
जलसे को खिताब करते हुए मौलाना सलमान बिजनोरी, मुफ्ती इमरान देवबंद, मौलाना आफताब, मौलाना इमरानुल्लाह, हजरत मौलाना अकील साहब (गढ़ी दौलत), मौलाना कुरबान (दिल्ली) एवं मौलाना वासिल साहब ने इस्लामी तालीम और सामाजिक सुधार पर रोशनी डाली। हजरत मौलाना आकिल साहब ने अपने संबोधन में कहा कि आज का मुसलमान शादियों में फिजूलखर्ची कर रहा है और दहेज जैसी कुरीति समाज में बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि निकाह को आसान बनाना और फिजूलखर्ची से बचना समय की जरूरत है। उन्होंने आगे फरमाया कि इस्लाम के बताए हुए रास्ते पर चलने में ही भलाई है। इस्लाम में हिंसा करने वालों की कोई जगह नहीं है, क्योंकि इस्लाम अमन, भाईचारे और इंसानियत का पैगाम देता है। उन्होंने देश में अमन-चैन, आपसी सौहार्द और भाईचारे के लिए विशेष दुआ कराई। दुआ के दौरान पूरा माहौल रूहानी हो गया और मौजूद लोगों ने आमीन कहकर दुआ में शिरकत की। उलेमाओ ने कहा कि क़ुरआन की हिफाज़त करने वाले बच्चे समाज की अमानत हैं और उनकी दस्तारबंदी माता-पिता व उस्तादों की मेहनत का नतीजा है। इस दौरान मुस्लिम समाजके सैकड़ो लोग मौजूद रहे।
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