गोड्डा
सदगुरु कबीर साहेब के 30वें वार्षिक सम्मेलन का दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कोरियाना की पावन धरती पर गूंजा प्रेम, समानता और मानवता का संदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा : जिले के बसंतराय प्रखंड अंतर्गत कोरियाना की पावन धरती एक बार फिर आध्यात्म, सद्ज्ञान और मानवीय मूल्यों की अलख से जगमगा उठी है। संत सदगुरु कबीर साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित 30वें वार्षिक सम्मेलन का भव्य शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। यह आयोजन कोई साधारण धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा दिखाने वाला एक विराट आध्यात्मिक महासम्मेलन है, जहां संतवाणी के माध्यम से मानवता, प्रेम और समानता का संदेश दिया जा रहा है। संत कबीर साहेब भारतीय संत परंपरा के ऐसे महान चिंतक थे, जिन्होंने जाति-पांति, ऊंच-नीच और अंधविश्वास के खिलाफ निर्भीक होकर आवाज उठाई। उन्होंने प्रेम, समानता और मानवता को जीवन का मूल आधार बताया। उनके दोहे आज भी समाज को नई राह दिखाते हैं — “पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय;
ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय।” इसी महान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कोरियाना में यह भव्य वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया गया है, जिसमें बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों से कबीर मत के विख्यात संतों का आगमन हुआ है। दो दिवसीय इस आयोजन में विशेष रूप से संत सजीवन साहेब, महेंद्र साहेब, प्रकाश साहेब शास्त्री, यतेंद्र साहेब (गुजरात), कुल भूषण साहेब एवं अन्य संतों ने अपने मधुर भजनों और प्रभावी प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। प्रवचन के दौरान जयप्रकाश शास्त्री ने सामाजिक समानता, स्त्री सम्मान, अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता, शिक्षा और नैतिकता, सादगीपूर्ण जीवन, मानव प्रेम और भाईचारे जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस सम्मेलन में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए हैं। दूर-दूर से लोग पैदल, बाइक, बस और निजी वाहनों से कोरियाना पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नि:शुल्क भोजन, जल सेवा एवं विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई है, जिसमें स्वयंसेवक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जुटे हुए हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह समाज को प्रेम, सत्य और समानता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए कोरियाना निवासी नारायण साहेब, मुखिया सुशीला देवी, बाबूलाल शर्मा (महामंत्री), निर्मल शर्मा, व्यस्मानी यादव, प्रदीप शर्मा, अवधेश यादव, सत्यनारायण ठाकुर, मनोज यादव, अनिल यादव, बालकिशोर ठाकुर सहित समस्त ग्रामवासियों ने कई महीनों तक दिन-रात कड़ी मेहनत की। उनके सामूहिक प्रयास से आज कोरियाना की धरती स्वर्ग समान प्रतीत हो रही है।



