बालाघाट

शिक्षा के मंदिर में यातायात नियमों की अनदेखी कर हुआ बिदाई समारोह

हाई स्कूल गुडरु में बिना हेलमेट ट्रैक्टर-बाइक रैली, जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : एक ओर जिला प्रशासन लगातार सड़क सुरक्षा को लेकर हेलमेट जागरूकता अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूल परिसर से ही यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। मामला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुडरु का है, जहां बारहवीं कक्षा के छात्रों की विदाई के नाम पर ट्रैक्टर एवं बाइक रैली निकालकर नियमों को ताक पर रख दिया गया।जानकारी के अनुसार, गुडरु स्कूल में 12वीं के छात्रों को 11वीं के छात्रों ने विदाई देने के लिए शिक्षक एवं विद्यार्थियों द्वारा संयुक्त रूप से कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसी दौरान बिना हेलमेट लगाए छात्रों ने ट्रैक्टर और बाइक से मेन रोड पर रैली निकाली, जो न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है बल्कि बच्चों की सुरक्षा के साथ भी बड़ा खिलवाड़ है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस आयोजन की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होती है, उसी आयोजन की भनक जिम्मेदारों को नहीं लगना कहीं न कहीं उनकी लापरवाही को उजागर करता है। स्कूल परिसर में होने वाले किसी भी कार्यक्रम पर नजर रखना प्राचार्य व स्टाफ की जिम्मेदारी होती है, लेकिन इस मामले में वह जिम्मेदारी सवालों के घेरे में है।
*गुड़रु स्कूल के प्राचार्य ने दिया सफाई*
इस पूरे मामले पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुडरु के प्राचार्य गणेश लिल्हारे ने सफाई देते हुए कहा कि“12वीं के बच्चों की विदाई के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था। आपके द्वारा बताया गया कि बाइक एवं ट्रैक्टर से रैली निकाली गई है, इसकी मुझे जानकारी नहीं थी। मैं कुछ काम से बाहर गया हुआ था। बाद में जब लौटा तो परिसर में ट्रैक्टर और बाइक खड़ी देखी, जिन्हें हटाने के लिए कहा गया। रैली की मुझे जानकारी नहीं है। मैं भी चाहता हूं कि इस पूरे मामले की जांच हो।”हालांकि प्राचार्य की सफाई के बाद भी यह सवाल कायम है कि आखिर स्कूल से जुड़े इस आयोजन में नियमों की अनदेखी कैसे हुई और बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारों ने आंखें क्यों मूंद लीं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई होती है।या मामला यूं ही दबा दिया जाएगा।
*क्या लाफरवाही करने वाले जिम्मेदारों पर होगी कार्यवाही*
इस पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी सवालों के घेरे में है एक किलोमीटर ट्रैक्टर एवं बाइक के माध्यम से छात्रों के द्वारा नियम कानून को ताक पर रखते हुए रैली का आयोजन किया जबकि पूरे मामले में प्राचार्य ने तो अपनी सफाई देकर पल्ला झाड़ लिया ।परंतु सवाल यह है कि बच्चों के विदाई समारोह में किसकी थी प्रमुख भूमिका अगर छात्रों के साथ किसी प्रकार की अनहोनी होती तो क्या फिर भी प्राचार्य झाड़ते पल्ला या फिर होती करवाई? अब देखना होगा कि किस तरह की जांच उच्च अधिकारियों के द्वारा इस संपूर्ण प्रकरण में की जाती है और क्या कुछ लापरवाही के साथ ट्रैक्टर एवं बाइक रैली का आयोजन की अनुमति देने वाले जिम्मेदारों पर कार्यवाही होती हैं l
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