पूर्व सैनिक सह- जिला परिषद सदस्य सामसुन मुर्मू का नाम 2003 की मतदाता सूची से नदारद, चौंकाने वाला दावा, उठाए गंभीर सवाल
Ex-serviceman and Zila Parishad member Samsun Murmu's name missing from 2003 voter list, shocking claim, raising serious questions

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़ (झारखंड)। देश के पूर्व सैनिक एवं वर्तमान में झारखण्ड राज्य के पाकुड़ जिले से जिला परिषद सदस्य सामसुन मुर्मू ने राज्य में कराई जा रही प्री- एसआईआर प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बातचीत के दौरान मीडिया कर्मियों को बताया कि देश की सेवा के दौरान वे लगातार ड्यूटी पर रहते हुए पोस्टल बैलेट के माध्यम से अपने मताधिकार का प्रयोग करते आये हैं। सामसुन मुर्मू वर्तमान में पाकुड़ जिला परिषद के निर्वाचन (अधिसूचित) क्षेत्र संख्या-12 से निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं। इसके बावजूद राज्य में (चुनाव आयोग द्वारा) कराई जा रही प्री- एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के तहत जारी गाइडलाइन के अनुसार वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज नहीं पाया गया है। इसे लेकर उन्होंने गंभीर आशंका जताई है कि जानबूझकर उनका नाम 2003 की मतदाता सूची में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि 2003 की मतदाता सूची में न केवल उनका नाम नदारद है, बल्कि उनकी पत्नी और माता-पिता के नाम भी सूची में दर्ज नहीं हैं, जबकि उनके बड़े भाई का नाम उसी मतदाता सूची में मौजूद है। यह स्थिति राज्य में कराई जा रही (चुनाव आयोग की) एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है। पूर्व सैनिक सह- जिला परिषद सदस्य सामसुन मुर्मू ने कहा कि (चुनाव आयोग को) यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर किन कारणों से उनका और उनके परिवार के सदस्यों का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस सम्बन्ध में जल्द ही जिला निर्वाचन पदाधिकारी, पाकुड़ को एक लिखित ज्ञापन सौंपेंगे, ताकि पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जा सके।



