बागपत
विशेष मुलाकात व इंटरव्यू

शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी — डा0 चारु जैन (M.A., B.Ed., PhD)
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बागपत जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकीं डॉ चारु जैन, पत्नी अनुराग जैन, वर्तमान में दो विद्यालयों का सफल संचालन कर रही हैं। एक विद्यालय ST. R V कॉन्वेंट स्कूल बड़ौत के निकट बडौली गांव में तथा दूसरा जीवाना गांव (बिनौली के निकट) में संचालित हो रहा है। दोनों स्थानों पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और आधुनिक शिक्षण पद्धति के लिए पहचान बनाई है।
हाल ही में संवाददाता सुरेंद्र मलानिया ने डॉ चारु जैन व अनुराग जैन से खास मुलाकात कर शिक्षा, समाज और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत बातचीत की।
प्रश्न (सुरेंद्र मलानिया): शिक्षा क्षेत्र में आने की प्रेरणा आपको कहाँ से मिली?
डॉ चारु जैन: बचपन से ही मुझे शिक्षा और बच्चों के साथ काम करने का शौक था। मेरा मानना है कि शिक्षा ही समाज को सही दिशा देती है। इसी सोच के साथ मैंने विद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया।
प्रश्न: दो-दो विद्यालयों का संचालन करना कितना चुनौतीपूर्ण है?
डॉ चारु जैन: यह निश्चित ही चुनौतीपूर्ण है, लेकिन एक अच्छी टीम, शिक्षकों का सहयोग और अभिभावकों का विश्वास हमें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
प्रश्न: आपके विद्यालयों की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?
डॉ चारु जैन: हम बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देते हैं — पढ़ाई के साथ संस्कार, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियां और तकनीकी शिक्षा को भी समान महत्व देते हैं।
प्रश्न: ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए आपकी क्या योजना है?
डॉ चारु जैन: हमारा प्रयास है कि गांव के बच्चों को भी शहरों जैसी आधुनिक शिक्षा मिले। आने वाले समय में हम डिजिटल क्लासरूम और स्किल बेस्ड एजुकेशन पर विशेष ध्यान देंगे।
प्रश्न: आज के अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए आपका संदेश?
डॉ चारु जैन: शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखें। बच्चों को अच्छे संस्कार, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है।
अनुराग जैन का वक्तव्य
अनुराग जैन ने कहा कि शिक्षा केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। उनका उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिले और वे आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने बताया कि विद्यालय परिवार का लक्ष्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
उन्होंने यह भी कहा कि चारु जैन की मेहनत और समर्पण ही विद्यालयों की सबसे बड़ी ताकत है, और पूरे स्टाफ व अभिभावकों के सहयोग से दोनों विद्यालय निरंतर प्रगति कर रहे हैं।
संवाददाता सुरेंद्र मलानिया ने कहा कि चारु जैन और अनुराग जैन ने ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की जो अलख जगाई है, वह सराहनीय है। सीमित संसाधनों के बावजूद आधुनिक शिक्षा को गांव-गांव तक पहुंचाने का उनका प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है। दोनों विद्यालयों में अनुशासन, गुणवत्ता और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
खास मुलाकात की झलक व आभार
खास मुलाकात के दौरान डॉ चारु जैन और अनुराग जैन ने विद्यालयों की कार्यप्रणाली, शिक्षण पद्धति और विद्यार्थियों की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मुलाकात के अंत में चारु जैन ने टुडे आजतक न्यूज और नेशनल प्रेस टाइम्स का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया समाज और शिक्षा के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिवार को अपने कार्यों और प्रयासों को समाज तक पहुंचाने का अवसर मिला, इसके लिए वे दोनों समाचार माध्यमों और संवाददाता सुरेंद्र मलानिया की आभारी हैं।



