ललितपुर

भौंरट बांध विस्थापितों ने मुख्यमंत्री जनता दरबार में उठाई मुआवजे की मांग

परिसम्पत्तियों का मुआवजा न मिलने से भविष्य अंधकारमय, जल जीवन मिशन से पानी की भी मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। भौंरट बांध परियोजना से विस्थापित किसानों और ग्रामीणों ने परिसंपत्तियों का समुचित मुआवजा न मिलने से निराश होकर मुख्यमंत्री जनता दरबार में गुहार लगाई है। विस्थापितों ने न केवल लंबित मुआवजा शीघ्र दिलाए जाने की मांग की, बल्कि क्षेत्र की 40 ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन योजना के तहत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी अपील की। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले माह जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री के समक्ष अपनी पीड़ा रखने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। मजबूरन भौंरट बांध से प्रभावित कई गांवों के किसान और ग्रामीण एक बार फिर मुख्यमंत्री जनता दरबार पहुंचे और अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं। विस्थापितों का कहना है कि उनकी बोरिंग, ट्यूबवेल, हैंडपंप, बगीचे, इमारती व फलदार पेड़ जैसी परिसंपत्तियों का अब तक मुआवजा नहीं दिया गया है। मुआवजा न मिलने के कारण वह कच्चे मकानों में रहने को विवश हैं और पक्के घरों का निर्माण नहीं करा पा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की उदासीन कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में गहरा रोष और निराशा व्याप्त है। ग्रामीणों ने कृषि भूमि के मुआवजे को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि वर्तमान में उन्हें प्रति एकड़ मात्र 8 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि बाजार में कृषि भूमि का मूल्य 15 लाख रुपये प्रति एकड़ तक है। ऐसे में यह मुआवजा उनकी वास्तविक क्षति की भरपाई करने में पूरी तरह नाकाफी है। विस्थापित किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र और उचित मुआवजा नहीं मिला तो उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक बदतर हो जाएगी तथा आने वाली पीढिय़ों का भविष्य भी अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर न्यायोचित एवं शीघ्र मुआवजा दिलाए जाने की मांग की। मुख्यमंत्री जनता दरबार में की गई इस मांग का नेतृत्व पूर्व जिला मंत्री जगदीश सिंह निरंजन ने किया। उनके साथ दर्जनों प्रभावित किसान और ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में अपनी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
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