लखनऊ: बजट सत्र से पहले विधानसभा में सपा का जोरदार हंगामा
अहिल्याबाई प्रतिमा तोड़ने, SIR, किसान-महंगाई पर योगी सरकार पर तीखा हमला

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लखनऊ — उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत से ठीक पहले सोमवार को समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा परिसर में भारी हंगामा किया। सपा विधायकों ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए धरना दिया, नारेबाजी की और चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रमुख मुद्दे जिन्हें लेकर प्रदर्शन हुआ लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की मणिकर्णिका तोड़े जाने का आरोप सपा विधायकों ने दावा किया कि अहिल्याबाई होल्कर की मणिकर्णिका (प्रतिमा या स्मारक का हिस्सा) को तोड़ा गया है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक अपमान, सांस्कृतिक दुर्घटना और महिलाओं के सम्मान पर हमला करार दिया। SIR (Special Intensive Revision) के नाम पर लोकतंत्र की हत्या विपक्ष ने वोटर लिस्ट में हो रहे विशेष संशोधन (SIR) को “लोकतंत्र की हत्या” बताया। आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से लाखों गरीब, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम कटने का खतरा पैदा हो गया है। किसानों की बदहाली, बेरोजगारी और महंगाई सपा विधायकों ने किसानों की कर्जमाफी, फसल का उचित मूल्य न मिलना, युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और रोजमर्रा की वस्तुओं की आसमान छूती महंगाई को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला। महिला सुरक्षा और बिगड़ती कानून-व्यवस्था विधायकों ने महिला सुरक्षा, बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तीखे सवाल उठाए। कहा कि “बेटी बचाओ” का नारा सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है। प्रदर्शन का स्वरूप सपा विधायकों ने चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष विधानसभा परिसर में धरना दिया। हाथों में तख्तियां, पोस्टर और नारे लगाए गए। प्रमुख नारे SIR नहीं चलेगा, लोकतंत्र बचाओ अहिल्याबाई का अपमान नहीं सहेंगे किसान-मजदूर-युवा एक हैं महंगाई हटाओ, रोजगार दो महिला सुरक्षा कहाँ गई विधानसभा परिसर की स्थिति प्रदर्शन के दौरान सदन में प्रवेश से पहले ही सपा विधायकों को रोक लिया गया। विधानसभा परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।सपा विधायकों ने कहा कि यह प्रदर्शन केवल शुरुआत है और बजट सत्र के दौरान वे इन सभी मुद्दों को सदन में भी जोर-शोर से उठाएंगे। समाजवादी पार्टी ने इसे जनता के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बताया है। वहीं, सत्ताधारी दल के प्रवक्ताओं ने इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया है।बजट सत्र के पहले दिन से ही विपक्ष की यह आक्रामकता यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में विधानसभा में तीखी बहस और हंगामे की संभावना बनी हुई है।




