भरत पुर
भरतपुर पुलिस की गश्त की खुली पोल
पूर्व कैविनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह करते रहे फोन लेकिन पुलिस सोती रही

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर शहर में गुरुवार अलसुबह करीब 3.30 बजे अवैध खनन से भरे ट्रैक्टर ट्रॉलियों को पकड़वाने के लिए पूर्व कैविनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह पुलिस के आला अधिकारियों व पुलिस कंट्रोल रूम को आधा घण्टे तक फोन करते रहे लेकिन चाकचौबंद गश्त का ढिंढोरा पीटने बाली पुलिस ने कोई सुनवाई तक नही की जिसका परिणाम यह रहा कि अवैध खनन से भरे ट्रैक्टर ट्रॉलियों भाग गई। मामले को लेकर पूर्व कैविनेट मंत्री ने मुख्यमंत्री से लेकर राज्य, रेंज ब जिला स्तर के तमाम पुलिस अधिकारियों को रात के समय पुलिस की गश्त व्यबस्था की शिकायत करते “भरतपुर अभी अभी” को बताया कि बे सुबह 3:30 बजे मोती महल से सुप्रभातम की पूजा अर्चना कर जब जवाहर फार्म वापस लौट रहे थे तो सर्किट हाउस चौराहा के पास अवैध खनन से भरे हुए कुछ ट्रैक्टर ट्रॉली मिले जिसकी सूचना उन्होंने सीओ सिटी को दी। सीओ सिटी ने मथुरा गेट थाने को सूचना देने की बात कही लेकिन बीस मिनट इंतजार करने के बाद भी जब मथुरा गेट थाने व सीओ सिटी से कोई भी जवाब नही मिला तो उन्होंने पुलिस कंट्रोल पर दो बार फोन किया लेकिन किसी ने फोन तक नहीं उठाया। बाद में थाना मथुरागेट से एक उपनिरीक्षक बलराम मौके पर पहुचा लेकिन तब तक ट्रैक्टर भाग चुके थे। विश्वेन्द्र सिंह ने बताया कि भरतपुर पुलिस की लापरवाही के कारण शहर में अवैध खनन से भरे हुए वाहनों का धड़ल्ले से आवागमन हो रहा है। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते बताया कि पुलिस प्रशासन के आंखे मूद कर गहरी नींद में सोने व सीनियर पुलिस अफसरों की आंखों में धूल झौंकी जाने के कारण शहर में कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है। विश्वेन्द्र सिंह ने डीग जिले के मेवात में हो रहे अपराध पर भी असंतोष जाहिर करते कहा कि उनमें भी किसी भी तरह से कमी नहीं आई है और ना ही अपराध पर अंकुश लग रहा है, डीग में जो सही लोग हैं उन पर पुलिस कार्यवाही कर रही है और जो अपराधी हैं वो खुलेआम आमजन में दहशत का माहौल बना कर घूम रहे हैं। सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह 8 बजे जब बे सेवर थाना के सामने से गुजर रहे थे तो अवैध खनन से भरे हुए कुछ ट्रैक्टर ट्रॉली को उन्होंने रुकवा कर अपने पीएसओ को सेवर थाने भेजा तो एक पुलिसकर्मी निकल के आया और उसके 10 मिनट बाद सेवर एसएचओ आये तब जाकर बिना किसी राबन्ना के अवैध खनन से भरे हुए ट्रैक्टर ट्रालियों को बंद किया गया।


