बाराबंकी

बाराबंकी में दिनदहाड़े अधिवक्ता शोएब उर्फ बॉबी किदवई की हत्या

48 घंटे बाद भी गिरफ्तारी नहीं; आक्रोशित वकीलों का प्रदर्शन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

बाराबंकी। जनपद में शुक्रवार को दिनदहाड़े अधिवक्ता शोएब उर्फ बॉबी किदवई की अज्ञात बदमाशों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे जिले में दहशत फैल गई है और अधिवक्ता समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना लखनऊ–अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित असेनी मोड़ के पास उस समय हुई, जब शोएब किदवई अपनी कार से बाराबंकी कचहरी जा रहे थे।
जानकारी के अनुसार, पहले से घात लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटनास्थल पर करीब 20 राउंड फायरिंग के साक्ष्य मिले और कई खोखे सड़क पर पड़े पाए गए, जिससे हमले की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। गंभीर रूप से घायल शोएब किदवई को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बड़ी संख्या में अधिवक्ता पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। अधिवक्ताओं ने इस घटना को कानून व्यवस्था पर सीधा हमला बताते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और कहा कि दिनदहाड़े एक अधिवक्ता की हत्या होना बेहद चिंताजनक है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय और आईजी प्रवीण कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच विशेष टीमों का गठन किया और 48 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसी दौरान मृतक अधिवक्ता की पत्नी शाजिया की तहरीर पर बाराबंकी कोतवाली में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। परिजनों ने पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर न्याय दिलाने की मांग की है। शनिवार को शोएब किदवई को उनके पैतृक गांव गदिया में नमाज-ए-असर के बाद सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता, शुभचिंतक, ग्रामीण और गणमान्य लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना रहा।
वहीं, सोमवार को पुलिस द्वारा दिए गए 48 घंटे की समयसीमा पूरी होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर अधिवक्ताओं का आक्रोश फिर भड़क उठा। बड़ी संख्या में अधिवक्ता कचहरी परिसर से जुलूस निकालकर सड़कों पर उतर आए और पटेल तिराहे होते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और पटेल तिराहे सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय स्वयं कार्यालय के बाहर आए और वरिष्ठ अधिवक्ताओं से वार्ता की। उन्होंने अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि पुलिस इस मामले की गहन और गंभीरता से जांच कर रही है तथा जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा। उन्होंने अधिवक्ताओं से एक दिन का अतिरिक्त समय भी मांगा।पुलिस इस हत्याकांड की जांच के तहत मृतक अधिवक्ता के पुराने मामलों, संभावित रंजिश, पेशेगत विवाद और उनके संपर्क में रहे लोगों की गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है। इसके साथ ही सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूत्रों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल, इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है और अधिवक्ता समाज सहित आमजन की नजरें पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। सभी को उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही इस चर्चित हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाएगी।
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