खैरथल
अरावली संरक्षण यात्रा पहुंची खैरथल -तिजारा जिले मे
रूंध गिदावड़ा मे 40 बड़े सरकारी ट्यूबवेलों का मामला उठा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
खैरथल-तिजारा : 24 जनवरी को गुजरात से शुरू हुई अरावली विरासत जन अभियान की अरावली संरक्षण यात्रा अपने गौरवशाली सफर के 24वें दिन हमारे जिले खैरथल तिजारा के किशनगढ़बास क्षेत्र मे16फरवरी को पहुंची। अरावली संरक्षण के यौद्धा कैलाश मीणा , मेवात के लिए जाना पहचाना चेहरा हैं और जल-जंगल-जमीन के सभी मेवाती आंदोलनों के साथी हैं यात्रा में रूंध गिदावड़ा के 40 बड़े सरकारी ट्यूबवेलों का मामला आज अरावली संरक्षण यात्रा के दौरान फिर जोर-शोर से उठाया गया।
के साथ इस यात्रा में विश्व में पर्यावरण के लिए गोल्डमैन ” पुरस्कार से सम्मानित उड़ीसा के प्रफुल्लसामंत्रा , पीपल्स आफ़ अरावली की संस्थापक नीलमअहलूवालिया , आदिवासी एकता परिषद की कुसुम_रावत और इस यात्रा में स्थानीय प्रतिनिधि विरेंद्र मोर दर्जनों सहयात्री आये।
यात्रा का सुबह मोठूका चौक पर क्षेत्रीय लोगों द्वारा सरपंच जाकिर खान के नेतृत्व में फूलमाला व पगड़ियों से स्वागत किया गया। जहां से स्थानीय लोगों के साथ मिल कर रूंध गिदावड़ा तक विधिवत यात्रा आयोजित की गई। रास्ते में यह यात्रा धमूकड़, घाटीका स्टैंड, खातीबास, चाचाका और मिर्जापुर होते हुए सभा स्थल रूंध गिदावड़ा पहुंच जनसभा के रूप में बदल गई।
जिसमें मुख्य अतिथि प्रफुल्ल सामंत्रा (विश्व पर्यावरण के लिए गोल्डमैन के पुरस्कार से सम्मानित) , राजस्थानी अरावली के अभिभावक कैलाश मीणा, मैडम नीलम अहलुवालिया, वीरेन्द्र मोर, आदिवासी एकता परिषद की बहन कुसुम रावत, मास्टर आसम खान, कासिम मेवाती आदि ने विचार प्रकट किए।
संचालन शिफात मैनेजर ने किया और अध्यक्षता मौलाना हनीफ ने की सरपंच फकरू के साथ इलाके के जिम्मेदारान लोग और बड़ी संख्या में नौजवान मौजूद रहे।


